अभी भी लक्ष्य से पौने पांच लाख पीछे है गोल्डन कार्ड

Jan 17, 2026 09:35 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कुशीनगर
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Kushinagar News - कुशीनगर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 4.7 लाख लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड अब तक नहीं बन पाया है। योजना के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर गरीब परिवारों को शामिल किया गया था। हालांकि, अब तक केवल 965156 लाभार्थियों का कार्ड बना है। शेष लोगों के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

अभी भी लक्ष्य से पौने पांच लाख पीछे है गोल्डन कार्ड

कुशीनगर। गरीब और कमजोर परिवारों को सालाना पांच लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संचालित आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अभी भी करीब पौने पांच लाख लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड नहीं बन पाया है, ताकि वे भी इस योजना का लाभ ले सकें। हालांकि, गोल्डन कार्ड बनाने के लिए शासन-प्रशासन के निर्देश पर कई मर्तबा कैंप लगाए गए, जनसेवा केंद्रों पर भी निशुल्क कार्ड बनाने की व्यवस्था की गई, लेकिन शत प्रतिशत गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए हैं। आयुष्मान भारत या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरुआत 23 सितंबर, 2018 को देश भर में एक साथ हुई थी।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस योजना के तहत वर्ष 2011 की सामाजिक-आर्थिक जनगणना के आधार पर आशाओं के माध्यम से गरीब और कमजोर परिवारों को चिह्नित कर योजना में शामिल किया गया था। बाद के वर्षों में अंत्योदय, पात्र गृहस्थी एवं 70 साल से अधिक आयु वाले लोगों को भी शामिल किया गया। जनपद में इस योजना के तहज 1435537 लाभार्थी चयनित किए गए थे, जिनमें से इतने वर्षों में अब तक 965156 लोगों का गोल्डन कार्ड बन पाया है, जो लक्ष्य का 62.66 फीसदी है। इनमें कुल 349244 परिवार सम्मिलित हैं, जिसमें से 320788 परिवारों के कम से कम एक व्यक्ति का गोल्डन कार्ड बनाया गया है। जनपद में 70 वर्ष या इससे अधिक उम्र के लाभार्थियों की संख्या 25538 है। कुल लाभार्थियों में 131696 लोगों ने इस योजना से चिकित्सकीय लाभ लिया है। खर्च की बात करें तो अब तक 260 करोड़ रुपये इन मरीजों के इलाज पर खर्च हो चुके हैं। जनपद में 48 सरकारी एवं 42 निजी अस्पताल योजना के तहत जुड़े हैं। प्रदेश में उपचार के मामले में जनपद का 17वां स्थान है, जबकि गोल्डन कार्ड बनाने में कुशीनगर जनपद का प्रदेश में 21वां स्थान है। इसके बावजूद 470381 लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड नहीं बन पाया है। विभाग का कहना है कि बचे हुए लोगों का अभियान चलाकर गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है, जो पूरे जनवरी महीने चलेगा। ------- लाभार्थियों का कुछ डाटा गलत पाया गया था, जिसकी वजह से शत प्रतिशत गोल्डन कार्ड नहीं बन सके हैं। बचे हुए लोगों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए 25 दिसंबर तक का अभियान था। उसे पूरे जनवरी माह में भी बढ़ाया गया है। अधिक से अधिक गोल्डन कार्ड बनाने का प्रयास चल रहा है, ताकि जरुरतमंद लाभार्थी योजना का लाभ ले सकें। डॉ. चंद्रप्रकाश, सीएमओ

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