
प्राकृतिक खेती से उद्यमिता को नई पहचान दे रहे अंशुमान
Kushinagar News - कुशीनगर के अंशुमान उपाध्याय प्राकृतिक खेती और पर्यावरण अनुकूल कृषि में अग्रणी हैं। उन्हें संकल्प भारत समिट 2025 में 12 लाख रुपये का अनुदान मिला है। अंशुमान किसानों की आय बढ़ाने और टिकाऊ उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं, जिसमें काला नमक चावल और मोटे अनाज शामिल हैं।
कुशीनगर। पूर्वांचल में प्राकृतिक खेती और पर्यावरण अनुकूल कृषि उद्यमिता को नई पहचान दिलाने वाले अंशुमान उपाध्याय क्षेत्र के उभरते कृषि उद्यमियों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। जागृति उद्यम केंद्र से जुड़े अंशुमान को लखनऊ में शुक्रवार को आयोजित संकल्प भारत समिट 2025 में उनके कृषि नवाचार और किसान आधारित मॉडल के लिए 12 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। इस समिट में देश भर से निवेशक, उद्यमी व आईटी विशेषज्ञ शामिल हुए थे। कुशीनगर के मंसूरगंज निवासी अंशुमान बीते साल 26 नवंबर को वाराणसी में आयोजित संकल्प भारत कार्यक्रम में भी आठ लाख रुपये का अनुदान व पंडित मदन मोहन मालवीय अवार्ड फॉर इन्क्लूसिव एंटरप्रेन्योरशिप पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं।
अंशुमान वर्तमान में एक्सेंचर द्वारा समर्थित जागृति के हरित इन्क्यूबेशन प्रोग्राम का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ टिकाऊ और लाभकारी उद्यमों को बढ़ावा देना है। वे प्राविधान किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के निदेशक हैं और पूर्वांचल के देवरिया, गोरखपुर और कुशीनगर जिलों में किसानों के साथ मिलकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका प्रमुख कार्य काला नमक चावल के संरक्षण, उत्पादन और बाजार विस्तार से जुड़ा है। यह पारंपरिक फसल किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र की कृषि पहचान को भी मजबूत कर रही है। इसके साथ ही वे मोटे अनाज (मिलेट्स) के उत्पादन और जैविक विधि से गुड़ निर्माण को भी व्यावसायिक रूप दे रहे हैं। वर्तमान में उनके साथ 800 से अधिक किसान प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। किसानों को प्राकृतिक खेती, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़कर खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। प्राकृतिक खेती केवल उत्पादन का तरीका नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी माध्यम है। हमारा प्रयास है कि पूर्वांचल के किसान परंपरागत फसलों के साथ आधुनिक बाजार से जुड़ें और खेती को सम्मानजनक उद्यम के रूप में अपनाएं। जागृति उद्यम केंद्र और विभिन्न इन्क्यूबेशन कार्यक्रमों से मिले सहयोग ने इस दिशा में आगे बढ़ने का भरोसा दिया है। - अंशुमान उपाध्याय, निदेशक प्राविधान एफपीओ अंशुमान उपाध्याय जैसे कृषि उद्यमी यह साबित कर रहे हैं कि स्थानीय संसाधनों और परंपरागत ज्ञान के आधार पर भी टिकाऊ और प्रभावी उद्यम खड़े किए जा सकते हैं। जागृति उद्यम केंद्र पूर्वांचल का उद्देश्य ऐसे किसान-उद्यमियों को मार्गदर्शन, नेटवर्क और संसाधन उपलब्ध कराकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। - आशुतोष कुमार, सीईओ जागृति।

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