
नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 25 साल का सश्रम कारावास
Kushinagar News - कुशीनगर में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के दोषी व्यास सिंह को 25 साल की सश्रम कारावास और 3.25 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि पीड़िता के अभिभावक को दी जाएगी। अदालत ने कहा कि इस बलात्कार के कारण पीड़िता को जीवनभर सामाजिक उपेक्षा का सामना करना पड़ेगा।
कुशीनगर, वरिष्ठ संवाददाता। जिले के विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दिनेश कुमार की अदालत ने नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के दोषी को 25 साल के सश्रम कारावाव व सवा तीन लाख के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की संपूर्ण धनराशि पीड़िता के नैसर्गिक अभिभावक को मिलेगी। सजा सुनाते समय अदालत ने टिप्पणी की कि अविवाहित लड़की से अभियुक्त के द्वारा जबरिया बलात्कार करने से गर्भ धारण हुआ और उससे बालक भी उत्पन्न हुआ। इस यातना के साथ पीड़िता को आजीवन जीवन यापन करना पड़ेगा। भविष्य में जब बालक बड़ा होगा तो इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता कि उसके पिता की पहचान या नाम के बिन्दु पर उसे जीवन भर सामाजिक उपेक्षा का शिकार होना पड़ेगा।
विशेष शासकीय अधिवक्ता (पाक्सो एक्ट) संजय तिवारी व सुनील कुमार मिश्र ने फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष-2024 में तरया सुजान थाने में इस आशय का अभियोग पंजीकृत कराया गया था कि अभियुक्त व्यास सिंह पुत्र रामइकबार सिंह निवासी बाघाचौर के द्वारा नाबालिक पीड़िता को गन्ने खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया गया। पीड़िता गर्भवती हो गयी। परिजनों ने जब इसकी शिकायत पुलिस से की तो अभियुक्त व्यास सिंह, सुमन सिंह, सुबाष सिंह व प्रभा देवी निवासीगण बाघाचौर ने वादी पक्ष को गाली गुप्ता देते हुए मारपीट की। जान से मारने की धमकी दी गयी। बाद में पीड़िता ने एक अबोध बालक को जन्म दिया। विवेचना पूरी कर तरयासुजान थाने के विवेचक ने अभियुक्त व्यास सिंह, सुमन सिंह, सुबाष सिंह व प्रभा देवी, साकिन बाधाचौर थाना तरयासुजान के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट समेत मारपीट आदि की धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर दी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दिनेश कुमार की अदालत में 17 अप्रैल 2025 को आरोप विरचित किया गया। ट्रालय के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से 06 साक्षीगण न्यायालय में परीक्षित कराये गये। पत्रावली में निर्णय के लिए 16 दिसंबर 2025 को खुले न्यायालय में उद्घोषित की गयी। उसी दिन अदालत ने अभियुक्त व्यास सिंह को दोषी करा दिया। अभियुक्तगण सुबाष सिंह, प्रभा देवी व सुमन देवी को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। अभियुक्त व्यास सिंह उपस्थित नहीं हुआ था। अदालत ने अभियुक्त व्यास सिंह के विरूद्ध गैर जमानतीय वारंट जारी कर पुलिस अधीक्षक कुशीनगर को पत्र भेजा। पुलिस अधीक्षक ने इसे गंभीरता से लेते हुए टीम गठित कर अभियुक्त व्यास सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में सुपुर्द कर दिया। नव वर्ष 2026 के पहले दिन गुरुवार को न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त व्यास सिंह पुत्र रामइकबाल सिंह को 25 वर्ष के सश्रम कारावास व 3.25 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। अदालत ने अर्थदंड की सम्पूर्ण धनराशि पीड़िता के नैसर्गिक अभिभावक को पीड़िता के चिकित्सकीय व्यय व पुनर्वास की पूर्ति के लिए प्रतिकर के रूप में भुगतान करने का आदेश दिया है।

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