
कोलकाता से श्रीनगर जा रहे विमान में फ्यूल लीकेज, वाराणसी में इमरजेंसी लैंडिंग
कोलकाता से श्रीनगर जा रहे इंडिगो के विमान में फ्यूल लीकेज के बाद वाराणसी के एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है। विमान में 166 यात्री सवार थे। अचानक लैंडिंग से हर किसी के चेहरे पर दहशत की स्थिति नजर आई। हालांकि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।
कोलकाता से श्रीनगर जा रहे इंडिगो एयरलाइंस के एक विमान में फ्यूल लीकेज की जानकारी मिलने पर हड़कंप मच गया। क्रू मेंबर ने तत्काल इसकी जानकारी नजदीकी वाराणसी एयरपोर्ट के एटीसी को दी और विमान को उतारने की इजाजत मांगी। एटीसी से हरी झंडी मिलते ही विमान की इमरजेंसी लैंडिग कराई गई। इस दौरान अचानक विमान में आई खराबी की जानकारी मिलने और विमान के वाराणसी में उतरने की सूचना पर यात्रियों में भी दहशत की स्थिति देखी गई।
बताया जाता है कि इंडिगो की उड़ान संख्या 6E-551 लगभग 166 यात्रियों को लेकर कोलकाता से श्रीनगर के लिए रवाना हुआ था। इसी बीच विमान के चालक दल (क्रू मेंबर) को विमान में फ्यूल लीकेज की जानकारी हुई।
क्रू मेंबर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए नजदीकी एयरपोर्ट वाराणसी के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को सूचना दी और इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। एटीसी ने फौरन अनुमति दी और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को वाराणसी में सुरक्षित उतार लिया गया।
इमरजेंसी लैंडिंग के बाद यात्रियों को विमान से बाहर निकाला गया। सुरक्षा जांच और मरम्मत के लिए विमान को एप्रन (पार्किंग क्षेत्र) पर खड़ा कर दिया गया। अचानक हुई इमरजेंसी लैंडिंग के कारण यात्रियों में दहशत की स्थिति रही। फिलहाल विमान में सवार सभी 166 यात्री सुरक्षित हैं।
अन्य विमानों से दिल्ली भेजे गए यात्री
सभी यात्रियों को टर्मिनल भवन के अराइवल हॉल में बैठाया गया। इसके बाद टेक्निकल टीम ने विमान की जांच-पड़ताल शुरू की। रात नौ बजे तक गड़बड़ी दूर नहीं हो सकी तो विमान को एप्रन पर आन ग्राउंड कर दिया गया। एयरलाइंस ने अन्य विमानों से यात्रियों को दिल्ली और अन्य शहरों को भेजा गया। इसके बाद वहां से श्रीनगर भेजा जाएगा। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने विमान में तकनीकी खराबी की पुष्टि की।
नियम के उल्लंघन पर पायलट का लाइसेंस होता है निरस्त
विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) का सख्त निर्देश है कि विमान में यदि फ्यूल लीकेज या कोई अन्य तकनीकी खराबी का अलर्ट मिलता है तो पायलट को तुरंत नजदीकी एटीसी के अधिकारियों से सम्पर्क करना पड़ता है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए नजदीकी एयरपोर्ट पर विमान की आपात लैंडिंग कराई जाती है। ऐसा नहीं करने पर पायलट का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाता है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
और पढ़ें



