48 करोड़ की GST चोरी का सरगना गिरफ्तार, बोगस फर्म बनाकर यूपी में ठगी, दिल्ली में सीखा फर्जीवाड़ा
आगरा में 48 करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी करने वाले सरगना पुनीत को एसआईटी ने गिरफ्तार किया। उसने चार बोगस फर्म बनाकर फर्जी बिल ट्रेडिंग से करोड़ों का फर्जीवाड़ा किया। आरोपी से दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए, नेटवर्क रामपुर-बाजपुर तक फैला था।

बोगस फर्म बनाकर 48 करोड़ से अधिक की जीएसटी चोरी कर सरकार को चूना लगाने वाले सरगना को एसआईटी ने शुक्रवार रात आगरा से गिरफ्तार किया है। एसपी क्राइम ने बताया कि आगरा के सदर बाजार निवासी सरगना पुनीत चार बोगस फर्म बनाकर फर्जी बिल ट्रेडिंग कर जीएसटी चोरी करता है। उसके पास से तमाम दस्तावेज, बैंक पासबुक, चेक सिम, इलेक्ट्रानिक उपकरण आदि बरामद किए हैं। पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर शनिवार को एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार और सीओ वरुण कुमार ने सिविल लाइंस थाने में दर्ज जीएसटी चोरी के मामले का खुलासा किया। बताया कि राज्य कर विभाग रेंज-बी के प्रधान सहायक आदित्य प्रताप सिंह ने 30 अक्तूबर 2025 को सिविल लाइंस थाने में जीएसटी चोरी का केस दर्ज कराया था।
बोगस फर्म बनाकर करोड़ों की GST चोरी
जिसमें आरोप लगाया था कि अलजजा ट्रेडर्स ने फर्जी बिल ट्रेडिंग कर 1 करोड़ 20 लाख 50 हजार 458 रुपये की जीएसटी चोरी की है। अन्य मुकदमों की तरह इस मुकदमे की भी जांच एसएसपी सतपाल अंतिल ने एसआईटी को सौंपी थी। जांच के बाद इस मामले में आगरा के सदर बाजार थाना क्षेत्र के मधुनगर ताल फिरोज खां नई आबादी निवासी पुनीत का नाम सामने आया। शुक्रवार रात एसआई विवेक यादव और हेड कांस्टेबल प्रशांत व अरुण प्रताप सिंह की टीम ने आरोपी पुनीत को उसके आगरा स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया गया
पुलिस गिरफ्त में आया आरोपी पुनीत शातिर ठग निकला। बताया जा रहा है कि बीते करीब तीन साल से वह बोगस फर्म के माध्यम से बड़े पैमाने पर फर्जी बिल ट्रेडिंग कर रहा था। उसने अपना नेटवर्क रामपुर और बाजपुर में फैला रखा था। यहां से वह लकड़ी के खरीद बिक्री का कारोबार दिखाता था। जबकि वास्तव में ऐसा कोई माल न तो था और ना ही उसकी खरीद बिक्री होती थी। एक अनुमान के अनुसार फर्जीवाड़ा करके आरोपी बीते तीन-चार साल के अंदर 10 से 15 करोड़ की अवैध कमाई कर चुका है।
पूछताछ में हैरान कर देने वाले खुलासे
पूछताछ में आरोपी पुनीत ने कई चौकाने वाले खुलासे किए। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि 2019 में वह दिल्ली में एक कपड़े की दुकान पर काम करता था। वहां उसकी मुलाकात सिद्दकी नाम के व्यक्ति से हुई। सिद्दकी ने पुनीत की पत्नी के नाम से मगना इंस्टरप्राइजेज नाम से फर्म बनवाकर जीएसटी नंबर ले लिया। इसके बदले उसने आरोपी पुनीत को 20 हजार रुपये दिए।
पुलिस के अनुसार कोरोना कॉल में लॉकडाउन लगा तो सिद्दकी ने पुनीत को रुपये देने बंद कर दिए। इसके बाद पुनीत खुद जीएसटी कार्यालय गया और वहां से अपनी पत्नी के नाम से फर्म की जीएसटी का यूजर नेम और पासवर्ड प्राप्त कर लिया। इसके बाद उस फर्म से जो फर्जी बिल ट्रेडिंग हुई थी उन पार्टियों से खुद ही संपर्क कर उनके रुपये निकालकर अपना कमीशन काटकर देने लगा। इससे उसे अच्छा मुनाफा होने लगा। बाद में आरोपी ने अपना नेटवर्क फैलाना शुरू किया।
आरोपी से बरामद सामान
आरोपी के पास से 11 मोबाइल फोन, 12 डेबिट कार्ड, एक पास, एक आरसी, दो आधार कार्ड, दो पेन कार्ड, 29 चेकबुक, 1 पासपोर्ट और दो आधार की कॉपी, एक पेन कार्ड की कॉपी, 3 बिजली बिल, 9 टेक्स इनवाइस, 32 किरायानामा, 5 मुहर, इंकपैड, एक लैपटॉप, 2 बिल्टी बुक और 1220 रुपये की नकदी बरामद की है। एसपी क्राइम ने बताया कि आरोपी के खाते में छह लाख रुपये थे, जिसे सीज कराया गया है।



