खामेनेई का बाराबंकी से खास कनेक्शन, छोटे से गांव से जुड़ा है सुप्रीम लीडर का इतिहास
यूपी के बारांबकी के किंतूर कस्बे में उस समय गहरा शोक व्याप्त हो गया जब ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमले की खबरों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई के निधन की सूचना सामने आई। कस्बे के लोग उनके पैतृक घर पहुंचे तो वहां का माहौल गमगीन था।

ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का संबंध यूपी के बारांबकी जिले से है। किंतूर कस्बे में उस समय गहरा शोक व्याप्त हो गया जब ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमले की खबरों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई के निधन की सूचना सामने आई। कस्बे के लोग उनके पैतृक घर पहुंचे तो वहां का माहौल गमगीन था। सभी मोबाइल पर हमले से सबंधित खबरें देख रहे थे, कोई उनके बारे में बातें कर रहा था, तो कोई घर में लगी उनकी तस्वीरों को निहार रहा था।
किंतूर कस्बा ऐतिहासिक रूप से ईरान के प्रथम सर्वोच्च नेता रुहोल्लाह ख़ुमैनी के परिवार से संबंधों के कारण चर्चा में रहा है। यहां रह रहे उनके परिजनों ने इस खबर को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि यह क्षति केवल ईरान की नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए दुखद है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में बढ़ता तनाव चिंता का विषय है। उन्होंने अपील की कि क्षेत्र में शांति, भाईचारा और संयम बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। लोगों ने कहा कि हिंसा कभी भी किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकती। किंतूर और आसपास के इलाकों में लोगों ने संवेदनाएं व्यक्त कीं। कई स्थानों पर मजलिस का आयोजन किया गया और दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए दुआएं की गईं।
सैय्यद निहाल अहमद काज़मी उनके परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह कहते हैं कि यह खबर हमारे लिए बेहद दुखद है। हम शांति और अमन की दुआ करते हैं। दुनिया में बढ़ता तनाव मानवता के लिए ठीक नहीं है। निहाल के बेटे सैय्यद आदिल काज़मी का कहना है कि ईरान के राष्ट्र प्रमुख खामेनेई पर खानदानी हैं, उन्हें देखा नहीं लेकिन उनके किस्से जरूर घर में सुने हैं। उनकी मौत की खबर पर पूरा परिवार परेशान है। घर परिवार व रिश्तेदार घर पर लगी उनकी तस्वीर को निहारते ही सभी की आंखे नम हो रही है। हम सभी लोगों से अपील करते हैं कि शांति बनाए रखें। हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है। पूरे किंतूर में शोक का माहौल है। लोग दुआओं और मजलिस के जरिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी शांति और संवाद के रास्ते पर आगे बढ़ने की अपील की है।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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