केजीएमयू रेप और धर्मांतरण के मामले में बड़ा एक्शन, रेजिडेंट डॉक्टर पर 25 हजार का इनाम घोषित
केजीएमयू के दुष्कर्म और धर्मांतरण के आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक की गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया है। केजीएमयू की महिला डॉक्टर ने रमीज पर कई संगीन आरोप लगाए थे।

लखनऊ में केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक पर शिकंजा कस गया है। शादी का झांसा देकर रेप करने और धर्मांतरण की कोशिश के मामले में उनकी गिरफ्तारी पर डीसीपी ने 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया है। गुरुवार को पीड़िता के कोर्ट में बयान दर्ज किया गया था। कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया तो पुलिस ने खोजबीन शुरू की, लेकिन वह मिले नहीं। डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने देर शाम डॉक्टर की गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया।
पुलिस उपायुक्त ने डॉ. रमीज की गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस और क्राइम समेत तीन टीमों का गठन किया है। ये डॉ. रमीज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें उत्तराखंड के खटीमा समेत अन्य जनपदों के अलावा नोएडा, शाहजहांपुर, बरेली और दिल्ली में दबिश दे रही हैं। रमीज का मोबाइल बंद है। पुलिस टीम नोएडा के निजी अस्पताल में काम करने वाली उसकी पुरानी दोस्त समेत कई रिश्तेदारों और परिवारीजनों के संपर्क में है।
गुरुवार को चौक पुलिस ने पीड़ित महिला डॉक्टर के बयान कोर्ट में दर्ज कराए थे। कोर्ट में पीड़िता ने डॉ. रमीज के खिलाफ तहरीर में कही गई बातों को दोहराया। उसने कहा कि डॉ. रमीज ने शादी का झांसा देकर उसका शोषण किया। फिर शादी से इनकार कर दिया। शादी के लिए दोबारा कहा तो उसने धर्मांतरण का दबाव बनाया। मामले के विवेचक और इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय पीड़िता के बयानों के आधार पर अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रहे हैं। साथ ही कोर्ट ने डॉक्टर की गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया है। आरोपी डॉ. रमीज मूल रूप से उत्तराखंड के खटीमा का रहने वाला है।
यह है मामला :
केजीएमयू के पैथालॉजी विभाग में तैनात रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक पर महिला रेजिडेंट डॉ. ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण और धर्मांतरण का आरोप लगाया था। धर्मांतरण न करने पर रमीज ने शादी से इनकार कर दिया था। इससे त्रस्त होकर महिला डॉक्टर ने खुदकुशी की कोशिश की थी।
पीड़िता पश्चिम बंगाल के हावड़ा की रहने वाली है। इस संबंध में पीड़िता की तहरीर पर चौक कोतवाली में पुलिस ने डॉक्टर रमीज के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, गर्भपात कराने, धमकी देने, धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 2021 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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