केजीएमयू धर्मांतरण; डॉक्टर रमीज की तलाश में पीलीभीत में छापेमारी, करीबियों से पूछताछ

Jan 07, 2026 08:46 am ISTYogesh Yadav लखनऊ/पीलीभीत, संवाददाता
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केजीएमयू लखनऊ के रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। 50 हजार का इनाम घोषित होने के बाद रमीज की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज की गई है। पीलीभीत में पुलिस ने छापेमारी की है।

केजीएमयू धर्मांतरण; डॉक्टर रमीज की तलाश में पीलीभीत में छापेमारी, करीबियों से पूछताछ

यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के मामले में फरार चल रहे केजीएमयू लखनऊ के रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक की तलाश में पीलीभीत में पैतृक आवास पर पुलिस ने छापेमारी की है। हालांकि आरोपी डॉक्टर के परिजनों द्वारा यह घर अपने एक रिश्तेदार को पहले से ही सौंप देने की बात सामने आई है। चौक पुलिस ने एक युवक को न्यूरिया थाने बुलाकर पूछताछ भी की थी। पूछताछ के दौरान फरार डॉक्टर के बारे में कोई सुराग नहीं मिल सका है। केजीएमयू लखनऊ में पढ़ने वाली एक मेडिकल छात्रा ने केजीएमयू के डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने और धर्मपरिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया था।

रमीज के खिलाफ लखनऊ के चौक कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। डॉक्टर के फरार हो जाने के कारण गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस उपायुक्त पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने 50 हजार का घोषित किया है। चौक पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी डॉक्टर का मूल निवास पीलीभीत के न्यूरिया कस्बे में है। चौक के दरोगा तेज कुमार शुक्ला के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम न्यूरिया थाने पहुंची।

टीम ने न्यूरिया पुलिस के सहयोग से ठाकुरद्वारा मोहल्ले में डॉक्टर के पैतृक आवास पर छापा मारा। यहां मौजूद एक युवक से पुलिस ने न्यूरिया थाने में पूछताछ भी की। पूछताछ में घर में मौजूद व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि रमीज के पिता सलीमुद्धीन वर्तमान में उत्तराखंड के खटीमा में रहते हैं और वह मेडिकल रिप्रजेंटेटिव हैं।

डॉ. रमीज के पिता मूल रूप से न्यूरिया कस्बे के निवासी हैं लेकिन उन्होंने यह मकान अपने रिश्तेदार को सौंप दिया है। इस मामले में आरोपी बनाया गया काजी सैयद जाहिद हसन भी पीलीभीत के न्यूरिया का ही रहने वाला है। हालांकि लखनऊ से आई पुलिस को डॉक्टर के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। थाना प्रभारी न्यूरिया सुभाष मावी ने बताया कि लखनऊ पुलिस की टीम न्यूरिया आई थी। यहां पर जांच करने के बाद टीम वापस चली गई है।

केजीएमयू में फैली धर्मांतरण की जड़ें खंगाल रहीं पुलिस और खुफिया एजेंसियां

लखनऊ (सौरभ शुक्ल)। केजीएमयू के रेजिडेंट डॉ. रमीज ने आगरा की एक महिला डॉक्टर का धर्मांतरण कराकर जबरन फरवरी-2025 में निकाह कर लिया। उसके बाद पैथोलॉजी विभाग में तैनात महिला रेजिडेंट डॉक्टर का पांच महीने तक शोषण कर धर्मांतरण का दबाव बनाया। चर्चा है कि दोनों मामलों की जानकारी यहां के जिम्मेदारों को थी। इसके बाद भी उन्होंने मामला दबाए रखा।

इन दोनों घटनाओं के बाद खुफिया एजेंसियां और पुलिस अलर्ट हो गई है। दोनों केजीएमयू में फैली धर्मांतरण से जुड़े लोगों की जड़ें खंगाल रही हैं। पुलिस और एजेंसियों को आशंका है कि कहीं कोई बड़ा नेटवर्क तो इसके पीछे केजीएमयू में नहीं है? इस मामले में पुलिस ने डॉ. रमीज की कॉल डिटेल्स के आधार पर कई लोगों को रडार पर ले लिया है। भूमिका संदिग्ध मिलने पर पुलिस लोगों पर कार्रवाई करेगी। दूसरी ओर, लापरवाही के चलते केजीएमयू की विशाखा कमेटी बीते 15 दिन में प्रकरण से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट वीसी को नहीं सौंप पाई है। हालांकि विशाखा कमेटी के सदस्यों का दावा है कि आरोपी डॉ. मामले में फरार है। उसके बयान नहीं हो सके हैं। इस वजह से अपनी रिपोर्ट वीसी को नहीं सौंप सके हैं।

रमीज के सोशल मीडिया अकाउंट खंगाल रही पुलिस

रमीज के सोशल मीडिया अकाउंट की तफ्तीश के लिए साइबर क्राइम सेल की एक टीम लगाई गई है। वह उसकी सर्च हिस्ट्री और किन किन लोगों से जुड़ा था, इन बिंदुओं पर जांच कर रही है। इसके साथ ही पुलिस, आगरा की महिला डॉक्टर का धर्मांतरण कराने वाले काजी सय्यद जाहिद हसन के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। इसके साथ ही पुलिस डॉ. रमीज और उसके परिवारीजनों के बैंक अकाउंट का ब्योरा खंगाल रही है। उसमें कहां से और कब कब कितने का लेनदेन हुआ है?

केजीएमयू में रमीज के मददगारों पर होगी कार्रवाई

पुलिस को आशंका है कि केजीएमयू में डॉ. रमीज के कई मददगार हैं, क्योंकि कोर्ट से एनबीडब्ल्यू जारी होने के बाद ही वह फरार हो गया। पुलिस उसके मददगारों पर भी कार्रवाई करेगी। इसके लिए उसकी काल डिटेल्स के आधार पर कई संदिग्धों को पुलिस ने रडार पर ले लिया है। बताया जा रहा है कि मददगार डॉ. रमीज को फोन पर पुलिस और केजीएमयू प्रबंधन की गतिविधियों और कार्रवाई की जानकारी दे रहे थे।

रमीज के घर कुर्की नोटिस चस्पा करेगी पुलिस

चौक पुलिस डॉ. रमीज के पीलीभीत न्योरिया मोहम्मद यार खां कस्बा और उत्तराखंड के खटीमा स्थित आवास पर कोर्ट से जारी 82 (कुर्की की कार्रवाई का प्राथमिक नोटिस) चस्पा करने जाएगी।

पुलिस उपायुक्त पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के अनुसार डॉ. रमीज और अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस की दो टीमें दबिश दे रही हैं। प्रकरण से जुड़े सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। अगर आरोपी का कोई मददगार मिला तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। बुधवार को पुलिस टीम पीलीभीत और खटीमा उसके आवास पर नोटिस चस्पा करने जाएगी।

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

Yogesh Yadav

योगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं। 

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