यूजीसी के विरोध में विजिया चौराहे पर गरजा सवर्ण समाज
Kausambi News - सवर्ण समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रविवार को विजिया चौराहे पर बैठक की। उन्होंने सरकार से यूजीसी के काले कानून को वापस लेने की मांग की। यदि कानून वापस नहीं लिया गया, तो 2027 में परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने का निर्णय लिया गया। यह आंदोलन देशव्यापी रूप ले सकता है।
यूजीसी के विरोध में सवर्ण समाज के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा रविवार दोपहर विजिया चौराहे पर एक बैठक की गई। इस दौरान निर्णय लिया गया कि सरकार ने कानून वापस नहीं लिया तो 2027 में परिणाम भुगतने के लिए अभी से तैयार हो जांय। बैठक के दौरान समाज के लोगों ने यूजीसी के काले कानून को वापस करने की मांग करते हुए जोरदार नारे लगाए। शंखनाद करके सवर्णों ने बताया कि दिल्ली नहीं जाने पाए तो हम लोग शांति पूर्ण ढंग से यही विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कहा कि अगर यह काला कानून वापस नहीं लिया गया तो यह विरोध देशव्यापी आंदोलन का रूप लेगा और आने वाले 2027 में इसका खामियाजा भारतीय जनता पार्टी को भुगतना पड़ेगा।
यूजीसी का विरोध करने वालों में प्रमुख रूप से अजय मिश्र, राजेश मिश्र, अशोक मिश्र, रत्नेश त्रिपाठी, हरीश द्विवेदी, सोनू त्रिपाठी उर्फ अमित कुमार त्रिपाठी, सत्यदेव त्रिपाठी, अरविंद कुमार मिश्र, प्रेमचंद अग्रहरि, कुलदीप पांडेय, मनीष द्विवेदी, सुधा अग्रहरि आदि तमाम सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।
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