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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश कौशाम्बीटीईटी : मन बहुत दुखी, अब तो रोना आ रहा

टीईटी : मन बहुत दुखी, अब तो रोना आ रहा

हिन्दुस्तान टीम,कौशाम्बीNewswrap
Mon, 29 Nov 2021 03:33 AM
टीईटी निरस्त होने से परीक्षार्थियों में जबर्दस्त आक्रोश देखने को मिला। सालों से तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों को जब परीक्षा कक्ष से बाहर किया गया तो...
1/ 2टीईटी निरस्त होने से परीक्षार्थियों में जबर्दस्त आक्रोश देखने को मिला। सालों से तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों को जब परीक्षा कक्ष से बाहर किया गया तो...
टीईटी निरस्त होने से परीक्षार्थियों में जबर्दस्त आक्रोश देखने को मिला। सालों से तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों को जब परीक्षा कक्ष से बाहर किया गया तो...
2/ 2टीईटी निरस्त होने से परीक्षार्थियों में जबर्दस्त आक्रोश देखने को मिला। सालों से तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों को जब परीक्षा कक्ष से बाहर किया गया तो...

टीईटी निरस्त होने से परीक्षार्थियों में जबर्दस्त आक्रोश देखने को मिला। सालों से तैयारी कर रहे परीक्षार्थियों को जब परीक्षा कक्ष से बाहर किया गया तो वह अपने आंसू नहीं रोक सके। परीक्षा केंद्र से बाहर निकले परीक्षार्थियों ने कहा कि मन बहुत दुखी है। उन पर क्या बीती है, वह बता नहीं सकते, बस उनको रोना आ रहा है।

शिक्षक पात्रता परीक्षा निरस्त होने से हजारों लोगों का दिल टूटा है। रात-दिन मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करने वालों का एक ही झटके में सपना टूट गया। पेपर लीक कराने वाले गिरोह ने परीक्षार्थियों के साथ खिलवाड़ तो किया ही, सुरक्षा व्यवस्था के मजबूत चक्रव्यूह को भी छिन्न-भिन्न कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था के इंतजामों को पेपर लीक कराने वाले गिरोह ने खुली चुनौती दी। एसटीएफ ने सूचना देकर भले ही परीक्षा निरस्त करा दी है, लेकिन सवाल यही है कि आखिर यह सब हुआ कैसे। परीक्षा निरस्त होने पर सेंटर से बाहर आए परीक्षार्थी बस इसी सवाल का जवाब मांग रहे थे। उनका कहना था कि उनकी क्या गलती है। यही कि वह रात-दिन पढ़ते रहे और रसूखदार व सेटिंग वालों ने एक पल में इतनी मजबूत व्यवस्था को धता बता दिया।

प्रयागराज, अल्लापुर की अनीता तिवारी ने बताया कि परीक्षा के लिए पूरी तैयारी की थी। पूरा विश्वास था कि परीक्षा में पास हो जाऊंगी। बड़े उत्साह के साथ परीक्षा में शामिल हुई थी। सब एक झटके में बर्बाद हो गया। ऐसा होगा, इसकी कत्तई उम्मीद नहीं थी।

प्रयागराज की ही मनीषा सिंह के अनुसार, परीक्षा निरस्त होने की जानकारी बाहर आने पर हुई। जो हुआ, वह ठीक नहीं हुआ। अब कैसे सरकार विश्वास दिलाएगी कि दोबारा ऐसा नहीं होगा। स्थिति तो यह है कि रो भी नहीं सकती। ये सब कैसे हो गया, यकीन नहीं हो रहा है। घना का पुरवा की नीलम पाल ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग भी की थी। इसके अलावा रात-दिन पढ़ाई भी चल रही थी। सपना था कि टीईटी की परीक्षा अच्छे अंकों से पास करुंगी, लेकिन सबकुछ बेकार हो गया। परीक्षा से खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा होनी चाहिए। झलवा, प्रयागराज की प्रज्ञा पांडेय के अनुसार, परीक्षा परिणाम क्या होता, इसकी चिंता नहीं थी। पेपर बहुत आसान था। आधा पेपर पढ़ने के बाद बड़ा उत्साह था और पूरा विश्वास था कि अच्छे अंकों से परीक्षा पास करुंगी, लेकिन परीक्षा निरस्त होने से मन बहुत उदास है। अब तो रोने का मन कर रहा है।

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