
दो दिन से बीमार बेसहारा मवेशी, चिकित्सा सुविधा को तरसा
Kausambi News - कसेंदा गांव में एक बेसहारा मवेशी पिछले दो दिनों से गंभीर रूप से बीमार है। ग्रामीणों ने इसे निजी डॉक्टर से दिखाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सुधार नहीं आया। सरकारी पशु चिकित्सा सेवा उपलब्ध नहीं होने से मवेशी की हालत बिगड़ती जा रही है। समय पर इलाज न मिलने से मवेशी की मौत का खतरा बढ़ गया है।
कसेंदा गांव में घूमने वाला एक बेसहारा मवेशी पिछले दो दिनों से गंभीर रूप से बीमार है। ग्रामीणों का कहना है कि मवेशी चारा-पानी छोड़कर लेटा पड़ा है और उठ भी नहीं पा रहा। सरकारी पशु चिकित्सा सेवा उपलब्ध न होने के कारण उसकी हालत लगातार खराब होती जा रही है। गांव के दिलीप कुमार, राहुल, सुनील कुमार आदि ने बताया कि गांव में कई बेसहारा मवेशी घूमते हैं, परंतु यह विशेष पशु किसानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाता था, बल्कि पालतू मवेशियों के बचे भोजन से अपना पेट भर लेता था और गायों के गर्भाधान में भी सहायक साबित होता था।

सोमवार से यह अचानक बीमार हो गया। ग्रामीणों ने चंदा इकट्ठा कर निजी डॉक्टर से उपचार कराया, पर कोई सुधार देखने को नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पशु चिकित्सा मोबाइल एम्बुलेंस सेवा के नंबर 1962 पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दो दिनों से फोन नहीं मिल पा रहा। मवेशी की हालत लगातार नाजुक होती जा रही है और समय पर इलाज न मिलने पर उसके मरने का खतरा भी बढ़ गया है। इस सम्बंध में चायल पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उमाकांत ने बताया कि पैरावेट द्वारा उपचार कराया गया है। यदि जल्द सुधार नहीं होता है तो मवेशी को गौशाला या अस्पताल में लाकर आगे का इलाज कराया जाएगा।

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