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ईद-ए-जहरा से लौटी शियाओं में खुशियां, सुर्ख लिबास पहनकर दी मुबारकबाद

Kausambi News - कर्बला के शहीदों की याद में शिया समुदाय ने सवा दो महीने तक गम मनाने के बाद ईद-ए-जहरा का पर्व खुशियों से मनाया। लोगों ने नए कपड़े पहने, महफिलें आयोजित कीं और एक-दूसरे को मुबारकबाद दी। महिलाओं ने पकवान...

Newswrap हिन्दुस्तान, कौशाम्बीWed, 3 Sep 2025 12:42 AM
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ईद-ए-जहरा से लौटी शियाओं में खुशियां, सुर्ख लिबास पहनकर दी मुबारकबाद

कर्बला के शहीदों की याद में सवा दो महीने तक चले गम के बाद मंगलवार को शिया समुदाय ने ईद-ए-जहरा का पर्व खुशियों के साथ मनाया। नये कपड़े पहने और जगह-जगह महफिलों का आयोजन करके ईदे जहरा का जश्न मनाया। लोगों ने एक-दूसरे को ईद-ए-जहरा की मुबारकबाद दी। खुश रंग विशेषकर लाल लिबास पहने और घरों में महिलाओं ने तरह-तरह के पकवान बनाए। मोहर्रम का चांद दिखते ही शिया समुदाय के लोगों ने काले वस्त्र धारण कर लिए थे। इस दौरान किसी ने न तो खुशी मनाई और न ही खुशी के किसी कार्यक्रम में शरीक हुए। चांद दिखने के बाद से ही महिलाओं ने चूड़ियां और शृंगार करना छोड़ दिया था।

दो महीने आठ दिन के गम के सिलसिले के बाद शिया समुदाय ने ईद ए जहरा की खुशियों को एक दूसरे से साझा किया। मनौरी गांव में आयोजित महफिल में शायरों ने अपने कलाम पेश किए और मौलाना ने तकरीर की। मौलाना ने बताया कि हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत के बाद उनके बीमार बेटे हजरत इमाम जैनुल आबदीन और बहन शहजादी जनाबे जैनब के चेहरों पर आज के दिन ही मुस्कुराहट आई थी। ईद ए जहरा पर लोगों ने दावत का सिलसिला भी जारी रखा और गरीबों को खाना व कपड़ा वितरित किया गया।