आंधी-बारिश ने फिर तोड़ी अन्नदाताओं की उम्मीद
Kausambi News - दोआबा में अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज बारिश और हवाओं के कारण गेहूं की फसल और कटाई के बाद रखी उपज भीग गई, जिससे किसानों को बड़ा नुकसान हुआ। पिछले महीने में हुई बारिशों ने पहले ही उनकी स्थिति को खराब कर दिया था। अब उन्हें अपने भविष्य की चिंता है।
दोआबा में मंगलवार शाम अचानक बदले मौसम ने अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी। बिजली की गरज-चमक के बीच जिले के कई हिस्सों में जोरदार हवाएं चलीं और तेज बारिश भी हुई। इससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल व कटाई के बाद रखी हजारों कुंतल उपज भीग गई। किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। पिछले एक महीने में तीन से चार बार हुई बारिश ने पहले ही किसानों की कमर तोड़ रखी थी। ऐसे में मंगलवार की तेज आंधी और बारिश ने हालात कुछ ज्यादा ही खराब कर दिए। सिराथू क्षेत्र में तेज हवाओं के बीच बारिश हुई। मंझनपुर, करारी, चायल, सरायअकिल आदि इलाकों में भी बूंदाबांदी हुई।
परिणाम रहा कि कई जगहों पर खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। वहीं, खेतों में काटकर रखी फसल और भूसा भीगकर खराब होने की कगार पर पहुंच गया। कड़ा क्षेत्र के किसान संतोष कुमार जायसवाल, कमलेश यादव, राजकरण पाल, बुधराम आदि ने बताया कि उनकी कई बीघा गेहूं की फसल पहले ही मौसम की मार झेल चुकी थी। अब हुई बारिश ने बची-खुची उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है। किसानों का कहना है कि इस बार गेहूं की फसल ही उनकी आर्थिक रीढ़ थी, जिससे वे कर्ज चुकाने, बच्चों के लिए नए कपड़े खरीदने और स्कूल में दाखिला कराने जैसे कई सपने संजोए हुए थे। आंधी-बारिश के बाद किसान पूरी रात भगवान के भरोसे जागते रहे। उन्हें यही चिंता सता रही थी कि सुबह खेतों में जाकर कितना नुकसान देखने को मिलेगा।
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