आंधी-बारिश का कहर: दस बीघा केला की फसल तबाह
नेवादा ब्लॉक के आलमपुर गांव में तेज आंधी और बारिश ने किसानों की केला फसल को नुकसान पहुँचाया। आधा दर्जन किसानों की दस बीघा से अधिक फसल बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के अंतिम चरण में थी। प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता की मांग की गई है।

कसेंदा, हिन्दुस्तान संवाद। नेवादा ब्लॉक के आलमपुर गांव में गुरुवार रात आई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज हवाओं के चलते आधा दर्जन किसानों की दस बीघा से अधिक क्षेत्रफल में लगी केला की फसल बर्बाद हो गई। फसल गिरने और तने टूटने से किसानों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद किसान मायूस और चिंतित हैं।
आलमपुर गांव निवासी राजेंद्र कुमार उर्फ कल्लू पुत्र सत्य नारायण ने बताया कि उन्होंने एक बीघा में केला की खेती की थी। फसल पूरी तरह तैयार थी और पौधों में फल लग चुके थे। गुरुवार रात चली तेज आंधी में अधिकांश पौधे टूटकर जमीन पर गिर गए, जिससे पूरी फसल बर्बाद हो गई। इसी तरह गांव के केला किसान अरुण कुमार पुत्र जगपत, दिलीप कुमार पुत्र राम विशाल, अजयपाल पुत्र शिवबोध और चंद्रभान सिंह पुत्र बद्री प्रसाद समेत अन्य किसानों की भी दस बीघा से अधिक क्षेत्र में लगी केला की फसल आंधी की चपेट में आ गई। किसानों के मुताबिक फसल तैयार होने के अंतिम चरण में थी, लेकिन तेज हवाओं से पौधों के तने टूट गए और फसल खेतों में बिछ गई।
किसानों का कहना है कि केला की खेती में जोताई, रोपाई, खाद, दवा, सिंचाई, निराई-गुड़ाई समेत भारी लागत लगती है। फसल बर्बाद होने से उनकी पूरी पूंजी डूब गई है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
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