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1 नवंबर, 2020|10:42|IST

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सैनी में तेजी से फैल रहा बुखार

 सैनी में तेजी से फैल रहा बुखार

1 / 2सैनी में घर-घर बुखार से लोग बीमार हो गए हैं। वायरल फीवर जानलेवा बना है। हालत यह है कि बुखार के एक या दो दिन बाद ही जांच कराने पर पता चलता है कि आईसीयू में भेजना पड़ेगा और प्लेटलेटस चढ़ानी पड़ेगी। सैनी...

 सैनी में तेजी से फैल रहा बुखार

2 / 2सैनी में घर-घर बुखार से लोग बीमार हो गए हैं। वायरल फीवर जानलेवा बना है। हालत यह है कि बुखार के एक या दो दिन बाद ही जांच कराने पर पता चलता है कि आईसीयू में भेजना पड़ेगा और प्लेटलेटस चढ़ानी पड़ेगी। सैनी...

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सैनी में घर-घर बुखार से लोग बीमार हो गए हैं। वायरल फीवर जानलेवा बना है। हालत यह है कि बुखार के एक या दो दिन बाद ही जांच कराने पर पता चलता है कि आईसीयू में भेजना पड़ेगा और प्लेटलेटस चढ़ानी पड़ेगी। सैनी में सफाई नहीं हो रही है। नालियां चोक हैं। बीमारों की संख्या बढ़ गई तो ग्रामीण आपे से बाहर हो गए और शिकायतों का दौर शुरू हुआ।

सैनी गांव एक दर्जन से अधिक लोग बुखार से बीमार हैं। इनमें जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि अश्विनी सिंह, रमेश कुशवाहा, आकाश के परिजन, सुमन पटेल समेत तमाम लोग शामिल हैं। निजी अस्पतालों में इनका इलाज चल रहा है। बीमारों की संख्या बढ़ने पर हिन्दुस्तान टीम ने गांव की पड़ताल की तो हालात चौंकाने वाले थे। संचारी रोग के रोकथाम के लिए लगातार प्रमुख सचिव व नोडल अधिकारी भुवनेश कुमार निर्देश दे रहे हैं कि गांव व नगर को साफ रखा जाए। इसके बाद भी सफाई नहीं हो रही है। एनएचएआई ने जो नाली अथवा नाला बनाया है, वह कूड़े से पटा है। पानी बाहर बह रहा है। इसके अलावा गांव की नालियों की भी यही स्थिति है। सफाई नहीं हो रही है। जगह-जगह कूड़ा जमा है। बुखार से कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग नहीं चेत रहा है। इससे गांव के लोग नाराज हैं।

महंगा है इलाज, लेना पड़ रहा है कर्ज

बुखार के बीच लोगों की प्लेटलेटस एक लाख के नीचे हो जा रही है। ऐसी रिपोर्ट आते ही प्लेटलेटस चढ़वाने के लिए लोग परेशान हो जा रहे हैं। आईसीयू में एडमिट कर इलाज किया जाता है। मरीज के बाहर निकलते-निकलते लगभग एक लाख रुपये तक खर्च हो जा रहा है। लोग नात-रिश्तेदार अथवा सेठ-साहूकारों से मदद मांगकर इलाज करा रहे हैं। सेठ-साहूकार बिना ब्याज के रुपये नहीं दे रहे हैं। जान बचाने के लिए लोग मजबूरी में कर्ज भी ले रहे हैं।

कोरोना के खौफ से जिला अस्पताल नहीं जा रहे लोग

कोरोना की दहशत से बुखार की चपेट में आने वाले लोग जिला अस्पताल नहीं जा रहे हैं। सीएचसी की भी जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। इसका सीधा लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। सारे इंतजाम होने के बाद भी लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।