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13 सितम्बर, 2020|2:53|IST

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कबूतरबाजों का नेटवर्क नहीं तोड़ पा रही पुलिस

कबूतरबाजों का नेटवर्क नहीं तोड़ पा रही पुलिस

जनपद में कबूतरबाजों का पूरा नेटवर्क है। इनका नेटवर्क इतना मजबूत है कि यह आसानी से खाड़ी देशों से वीजा हासिल कर लेते हैं, लेकिन जिस काम के लिए लोग वीजा मांगते हैं, वह वीजा नहीं मिलता है। झांसा देकर लोगों को भेज दिया जाता है। जिसकी वजह से वह वहां फंस जाते हैं। कइयों को फर्जी वीजा ही थमा दिया जा रहा है। इससे उनको एयरपोर्ट से वापस भेज दिया जाता है। खाड़ी देश जाने के लिए लोग कर्ज लेकर कबूतरबाजों को रुपया देते हैं। इसके बाद वह अपना माथा पीटते रह जाते हैं।

कबूतरबाजों के खिलाफ जनपद में करीब 100 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इसके बावजूद युवक लगातार ठगी के शिकार हो रहे हैं। सबसे ज्यादा मामले करारी थाने में दर्ज हैं। इसके बाद सैनी कोतवाली में। पइंसा थाने में भी कइयों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। करारी नगर पंचायत के कई युवक इस मामले में फंस चुके हैं। इसके बाद भी कबूतरबाजी बंद नहीं हो रही है। युवाओं को झांसा देकर उनको सऊदी अरब अथवा अन्य खाड़ी देश भेजने के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूल लेते हैं। विदेश में नौकरी करने के नाम पर लोग कर्ज अथवा खेत बेचकर कबूतरबाजों को रुपया देते हैं। अधिकतर लोगों को फर्जी वीजा थमा दिया जाता है। जिनको वीजा मिलता भी है, उनसे वहां मजदूरी कराई जाती है। इससे वह काम छोड़कर चले आते हैं। सैकड़ों इस तरह की ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद भी इस खेल पर पाबंदी नहीं लग पा रही है। नौकरी की चाह में लगातार लोग ठगी के शिकार हो रहे हैं। घोसियाना निवासी सुहैल अहमद पर आरोप लगा है कि उसने 20 लोगों का अपना शिकार बनाया है। उसने लाखों रुपये बेरोजगारों से वसूल लिए हैं। फिलहाल अभी आठ लाख रुपये लेने की बात सामने आई है। वहीं लोगों का कहना है कि यह रकम ज्यादा है। अब पुलिस की जांच में सच सामने आएगा।

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  • Web Title:Police are not able to break the network of pigeoners