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कौशाम्बी

पांव पखारकर प्रभु राम को कराया गंगापार

हिन्दुस्तान टीम,कौशाम्बीPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 11:30 PM
पांव पखारकर प्रभु राम को कराया गंगापार

मांगी नाव न केवट आना, कहइ तुम्हार मरमु मै जाना। चरन कमल रज कहुं सबु कहई, मानुष करनि मूरि कछु अहई..। इसी चौपाई के साथ सोमवार की राम मंझनपुर में चल रही रामलीला में चित्रकूट से आए कलाकारों ने राम-केवट संवाद का मंचन किया। भगवान राम ने केवट को बुलाया। इस पर केवट ने इनकार कर दिया। केवट ने कहा कि पहले आप पांव धुलवाएं तभी नाव से गंगा पार कराऊंगा।

नगर पालिका मंझनपुर में चल रही रामलीला में रविवार की रात कलाकारों ने राम वन गमन के साथ दशरथ विलाप का मंचन किया। सोमवार की रात चित्रकूट से आए कलाकारों ने निषादराज-राम मिलन का मंचन किया। अयोध्या से निकलने के बाद राम लक्ष्मण व सीता के साथ सरयू नदी तट पर पहुंचते हैं। गंगा पार करने के लिए भगवान राम निषादराज को आवाज लगाते हैं। तभी मंचसीन व्यास चौपाई पढ़ते हैं मांगी नाव न केवट आना, कहइ तुम्हार मरमु मै जाना। चरन कमल रज कहुं सबु कहई, मानुष करनि मूरि कछु अहई..। भगवान राम की आवाज सुनने के बाद केवट नाव से पार उतारने से इनकार कर देता है। इस पर भगवान रात निषादराज से विनती करते हैं कि वह उन्हें सीता सहित गंगा पार करा दें। इस पर निषादराज ने कहा भगवन मैं आप की लीला जान चुका हूं। आपके चरनरज से पत्थर नारी बन सकती है तो मेरी नइया का क्या होगा। जब तक आप अपना पैर नहीं धुलाएंगे, मैं आपको गंगा पार नहीं कराउंगा। इसके बाद भगवान राम के पांव पखारने के बाद निषाद राज उन्हें नदी पार कराते हैं। राम-केवट संवाद का मंचन देख दर्शक भाव विभोर हो गए। जय श्रीराम के जयघोष से पंडाल गुंजायमान हो उठता है।

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