DA Image
Thursday, December 2, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश कौशाम्बीराम के वन जाते ही फूट-फूटकर रोए राजा दशरथ

राम के वन जाते ही फूट-फूटकर रोए राजा दशरथ

हिन्दुस्तान टीम,कौशाम्बीNewswrap
Mon, 01 Nov 2021 03:22 AM
राम के वन जाते ही फूट-फूटकर रोए राजा दशरथ

उदहिन बुजुर्ग बाजार में आयोजित रामलीला के सातवें दिन शनिवार की रात भगवान राम के वन गमन की लीला दिखाई गई। अयोध्या नरेश दशरथ ने विचार किया कि राम को अयोध्या का राजा बनाया जाए। इसी दौरान रानी कैकेई ने राजा से दो वर मांग लिया। राम को चौदह साल का वनवास व भरत को राजगददी। राम, सीता और लक्ष्मण के साथ वन जाने के लिए निकल पड़े। यह देख राजा दशरथ फूट फूट कर रोने लगे और पूरी अयोध्या नगरी में शोक छा गया। राम वनवास व दशरथ विलाप का मंचन देख दर्शक भावविभोर हो गए।

सिराथू तहसील के उदिहिन बाजार में चलरही रामलीला में शनिवार की रात कलाकारों ने रामव वन गमन व दशरथ विलाप का मंचन किया। अयोध्या में रामचन्द्र के राज्याभिषेक का ऐलान हो गया। नगर में बधाई गीत बजने लगे। जैसे ही राज्यभिषेक की जानकारी कैकेई की दासी मंथरा को प्राप्त हुई, मंथरा ने महारानी के कान भरना शुरू कर दिया। महारानी कैकेई मंथरा की बातों को मानकर राजा दशरथ से दो वरदान मांगे। राजा दशरथ ने कहा कि रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई.. राजा दशरथ से महारानी कैकेई ने कैकेई पुत्र भरत को राजतिलक और कौशल्या पुत्र राम को चौदह वर्ष का वनवास मांगा। पिता की आज्ञा पाकर राम वन गमन को तैयार हो गए। जैसे ही भगवान राम के वन गमन की सूचना राजा दशरथ को हुई, वह व्याकुल हो गए। राजा दशरथ फूट फूट कर रोने लगे और पूरी अयोध्या नगरी में शोक छा गया। इस मौके पर मेला कमेटी के संरक्षक डॉ राजेंद्र प्रसाद, संरक्षक ग्राम प्रधान दशरथ लाल, महासचिव कल्लू केसरवानी, उपाध्यक्ष बृजेन्द्र तिवारी, ज्ञान प्रकाश केसरवानी, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, नरेंद्र दुबे, शिवम सोनी, टिंकू मौर्य आदि मौजूद रहे।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें