Kausambi News: सरकारी जमीन पर चला बुलडोजर, बाकी अतिक्रमण पर खामोशी
Kausambi News: तहसील चायल के अहलादपुर गांव में आईटीबीपी के एक जवान ने मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजकर कहा है कि प्रशासन ने उनके परिवार के मकान पर बुलडोजर चलाया, जबकि अन्य अवैध निर्माणों को छोड़ दिया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम ने बताया कि कार्रवाई खलियान की जमीन पर निर्माण के कारण की गई थी।

Kausambi News: तहसील चायल के अहलादपुर गांव में सरकारी जमीन पर हुई बुलडोजर की कार्रवाई अब सवालों के घेरे में आ गई है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में तैनात जवान ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि प्रशासन ने उनके परिवार के मकान पर तो बुलडोजर चला दिया, लेकिन उसी गाटा संख्या पर बने अन्य कथित अवैध निर्माणों को छोड़ दिया। जवान ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आह्लादपुर निवासी रामकिशन भारती के अनुसार उनके पिता लल्लू पासी पिछले करीब 35 वर्षों से गाटा संख्या 316 के एक हिस्से पर बने मकान में रह रहे थे।
आरोप है कि मकान निर्माण के दौरान राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों और तत्कालीन ग्राम प्रधान की ओर से कथित रूप से रुपये की मांग की गई। रकम न देने पर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया और गुरुवार को तहसील प्रशासन के द्वारा जेसीबी से उसका मकान गिरा दिया गया। जवान का कहना है कि यदि गाटा संख्या 316 सरकारी भूमि है तो उस पर बने सभी कथित अवैध निर्माणों पर समान कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिवार को चुनकर निशाना बनाया गया। रविवार को जवान ने मामले की शिकायत पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से करते हुए जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, कथित दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और न्याय दिलाने की मांग की है। इस सम्बन्ध में एसडीएम अरुण कुमार ने बताया कि खलियान की जमीन पर निर्माण कराया जा रहा था, लेखपाल के द्वारा कई बार लिखित रुप में मना किया गया। इसके बाद भी निर्माण कार्य जारी था। इस कारण जमीन खाली कराई गई है। बाकी बने मकान काफी पुराने है।


