स्कूलों में प्रतिदिन होगा ‘वंदेमातरम’ का सामूहिक गान
Kausambi News - भारत सरकार के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने सभी विद्यालयों में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को अनिवार्य कर दिया है। कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के गायन के दौरान विशेष सावधानियाँ बरतनी होंगी। राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन करने के लिए उचित व्यवस्था की जाएगी और बैंड के साथ इसके गायन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश सरकार ने विभिन्न आयोजनों के साथ-साथ स्कूलों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य कर दिया है। इतना ही नहीं इसके गायब के दौरान कुछ विशेष सावधानियों को भी बरतना होगा। जिससे राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान का भाव जागृत हो और लोगों को पता चल सके कि राष्ट्रगीत का गायन होने वाला है। बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित गीत ‘बंदे मातरम्’ को राष्ट्रगीत के रूप में जाना जाता है। लगभग तीन मिनट दस सेकंड तक गाए जाने वाले राष्ट्रगीत को लेकर केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने विशेष निर्देश दिए हैं। इस गीत का बजाया जाना या गाया जाना कहां जरूरी है, इसके लिए निर्देशित किया गया है।
इसमें सिविल सम्मान समारोहों के अवसर, औपचारिक राजकीय समारोह तथा सरकार द्वारा आयोजित अन्य समारोहों में राष्ट्रपति के आने व उनके जाने पर शामिल है। आकाशवाणी व दूरदर्शन पर राष्ट्र के नाम राष्ट्रपति के संदेश प्रसारित किए जाने से पहले व बाद में, जब राष्ट्रीय झंडे को परेड में लाया जाए या फिर किसी अन्य अवसर पर राष्ट्रगीत बजाया जाएगा जिसके लिए भारत सरकार ने विशेष आदेश जारी कर रखा हो। इसके अलावा सभी विद्यालय में दिन का कार्य राष्ट्रगीत के सहगान से प्रारंभ होगा। इसके लिए एसवीएस रंगा राव प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने डीएम को पत्र भेजकर कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया है। ---------------- बैंड के साथ राष्ट्रगीत गाए जाने पर क्या करें जब बैंड के साथ राष्ट्रगीत गाया जाए तो श्रोताओं का यह ज्ञान कराने के लिए कि राष्ट्रगीत प्रारंभ होने वाला है, सबसे पहले मृदंग बजाए जाएंगे। इसके अलावा राष्ट्रगीत शुरू होने से पहले बिगुल बजाया जाएगा। इससे श्रोताओं में राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान बढ़ेगा। --------------- राष्ट्रगीत का सामूहिक रूप से गायन परेडों को छोड़कर अन्य सांस्कृतिक अवसरों पर अथवा राष्ट्रीय झंडा फहराए जाने पर समुचित संख्या में गायकों की मंडी की उचित स्थान पर व्यवस्था करके किया जाएगा। बैंड आदि के साथ गायन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आयोजन स्थल पर जनता इसे आसानी से सुन सके लिए इसके लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। -------------- वर्जन- किसी भी ऐसे आयोजन जहां राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान दोनों गाए जाने अथवा बजाए जाने हों तो पहले राष्ट्रगीत गाया या बजाया जाएगा। इस दौरान मौजूद सभी लोग सावधान की मुद्रा में खड़े रहकर राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान का सम्मान व्यक्त करेंगे। -डॉ. अमित पाल, डीएम
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