अंधेरी जिंदगी में खिल उठी उम्मीद की रोशनी

Newswrap हिन्दुस्तान, कौशाम्बी
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ओसा के वृद्धाश्रम संचालक आलोक राय ने एक आंख से अंधे बुजुर्ग जलेश्वर सिंह की मदद की। उन्होंने बुजुर्ग को अस्पताल में भर्ती कराकर आंख का सफल ऑपरेशन कराया। अब जलेश्वर की जिंदगी में नई रोशनी आई है। आलोक ने उन्हें वृद्धाश्रम में रखा है और उनके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास करेंगे।

अंधेरी जिंदगी में खिल उठी उम्मीद की रोशनी

ओसा स्थित वृद्धाश्रम के संचालक आलोक राय ने एक आंख से अंधे और बेसहारा बुजुर्ग को नई रोशनी देकर मानवता की मिसाल पेश की है। उनके इस नेक कार्य की पूरे इलाके में खूब सराहना हो रही है। गुरुवार को आलोक राय किसी जरूरी काम से मंझनपुर मुख्यालय जा रहे थे। जैसे ही वह ओसा-मंझनपुर मार्ग पर शराब के ठेके के पास पहुंचे, उनकी नजर सड़क किनारे बैठे एक लाचार बुजुर्ग पर पड़ी। बुजुर्ग की हालत देखकर वह खुद को रोक नहीं सके और तुरंत उनके पास पहुंच गए। बातचीत में बुजुर्ग ने अपना नाम जलेश्वर सिंह पुत्र राजा सिंह निवासी बिहार बताया।

बुजुर्ग ने दर्द भरी दास्तान सुनाते हुए बताया कि वह पिछले करीब दो वर्षों से इलाके के एक होटल में मजदूरी कर रहे थे। लेकिन होटल संचालक ने उन्हें मेहनताना तक नहीं दिया। कुछ समय बाद होटल भी बंद हो गया, जिसके बाद वह पूरी तरह बेसहारा हो गए। एक आंख की रोशनी जा चुकी थी और पेट भरने के लिए उन्हें इधर-उधर मांगकर गुजर-बसर करनी पड़ रही थी। यह बात सुनते ही आलोक राय का दिल पसीज गया। उन्होंने बिना देर किए बुजुर्ग को अपने साथ मंझनपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों से संपर्क कर एक आंख का ऑपरेशन कराया। सफल ऑपरेशन के बाद अब बुजुर्ग की जिंदगी में फिर से उजाला लौट आया है। आलोक राय ने बताया कि फिलहाल बुजुर्ग को वृद्धाश्रम में रखा जाएगा। उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें मिलवाने का प्रयास किया जाएगा।

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