Kausambi News: लेहदरी गंगा पुल की मरम्मत को फिर जगी उम्मीद
Kausambi News: कौशाम्बी जनपद के लेहदरी गंगा पुल की मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी ने लगभग एक करोड़ रुपये का इस्टीमेट शासन को भेजा है। पुल की खराब स्थिति के चलते हादसों का खतरा बना हुआ है। आईआईटी बीएचयू की टीम द्वारा की गई जांच के आधार पर पुल की तकनीकी कमियों को जल्द ठीक करने की उम्मीद है।

Kausambi News: कौशाम्बी जनपद को प्रतापगढ़ रायबरेली सहित प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण लेहदरी गंगा पुल की मरम्मत को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। आईआईटी बीएचयू की तकनीकी जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रतापगढ़ लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने लगभग एक करोड़ रुपये का इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा है। विभाग को उम्मीद है कि जनहित को देखते हुए प्रस्ताव जल्द स्वीकृत होगा और पुल की मरम्मत शुरू कराई जाएगी। करीब 960 मीटर लंबे इस पुल का निर्माण वर्ष 2015 में ब्रिज कॉरपोरेशन प्रयागराज की टीम ने कराया था। पिछले कई वर्षों से रख-रखाव के अभाव में पुल की ज्वाइंट प्लेटों में गड़बड़ी, सतह पर गड्ढे, कंपन्न और बेयरिंग प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
इसे लेकर हजारों वाहन चालकों, व्यापारियों, किसानों, स्कूली छात्र-छात्राओं तथा शक्तिपीठ कड़ा धाम आने वाले श्रद्धालुओं में हादसे का डर बना रहता है। पुल की बदहाल स्थिति उजागर होने के बाद पीडब्ल्यूडी ने 13 जनवरी को आईआईटी बीएचयू की तीन सदस्यीय विशेषज्ञों की टीम ने आधुनिक मशीनों से पुल की जांच कराई थी। टीम ने पुल के 23 पिलरों, नट-बोल्ट, बेयरिंग, सस्पेंशन और ज्वाइंट की आधुनिक उपकरणों से जांच कर रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में अधिक भार और लगातार आवागमन के कारण कई तकनीकी कमियां मिलने की पुष्टि हुई थी। रिपोर्ट के आधार पर उसी समय प्रतापगढ़ पीडब्ल्यूडी विभाग ने करीब एक करोड़ रुपये का इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था, लेकिन किन्हीं कारणों से वह प्रस्ताव निरस्त हो गया था। प्रतापगढ़ पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता (एई) गौरव यादव ने बताया कि संशोधित इस्टीमेट दोबारा शासन को भेजा गया है। उम्मीद है कि जनहित में इसे जल्द स्वीकृति मिल जाएगी। धनराशि मिलते ही पुल की नीचे से लेकर ऊपर तक सभी तकनीकी कमियों को दूर कर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित किया जाएगा।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


