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भाजपा के पूर्व विधायक व सपा के पूर्व चेयरमैन पर केस

भाजपा के पूर्व विधायक व सपा के पूर्व चेयरमैन पर केस

संक्षेप: Kausambi News - भाजपा के पूर्व विधायक संजय गुप्ता और सपा के पूर्व चेयरमैन कैलाश चंद्र केसरवानी पर मकान कब्जाने का मामला दर्ज हुआ है। पीड़ित महिला ने सीएम से शिकायत की थी। संजय गुप्ता का कहना है कि वह इस मामले में फंसाए गए हैं और मानहानि का केस करेंगे। मामले की जांच कोखराज पुलिस द्वारा की जा रही है।

Tue, 18 Nov 2025 11:07 PMNewswrap हिन्दुस्तान, कौशाम्बी
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भाजपा के पूर्व चायल विधायक संजय गुप्ता व सपा के पूर्व भरवारी चेयरमैन कैलाशचंद्र केसरवानी व उनकी पत्नी सुनीता केसरवानी समेत सात के खिलाफ कोखराज थाना पुलिस ने मकान कब्जाने का केस दर्ज किया है। सीएम से मिलकर पीड़ित महिला ने गुहार लगाई थी, जिसके बाद ये कार्रवाई हुई। मामले में पूर्व विधायक का कहना है कि उनकी कोई भूमिका नहीं। साजिश के तहत उनका नाम प्रकरण में घसीटा गया है। वह इस मामले में मानहानि का केस दर्ज कराएंगे। भरवारी की राजदुलारी केसरवानी पत्नी स्व. उमाशंकर केसरवानी हाल ही में सीएम योगी से जनता दरबार में मिली थी। राजदुलारी का आरोप है कि बताया कि वर्ष 1970 में उसके पति उमाशंकर केसरवानी ने नगर पंचायत से जमीन का आवंटन कराकर मकान बनवाया था।

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पति की मौत के बाद वर्ष 2005 में फर्जी तरीके से पूर्व चेयरमैन कैलाश चंद्र केसरवानी ने गलत वरासत करवा दी। इसके बाद उसके मकान पर कब्जा कर लिया गया। जब वह नगर पंचायत से आरटीआई के माध्यम से संबंधित अभिलेख निकलवाने का प्रयास करने लगी तो पूर्व विधायक संजय गुप्ता व कैलाश चंद्र केसरवानी की पत्नी व पूर्व चेयरमैन सुनीता केसरवानी के दबाव व प्रभाव की वजह से उसे आरटीआई से कोई अभिलेख नहीं मिला। राजदुलारी ने सीएम से गुहार लगाते हुए कहा कि प्रकरण में कार्रवाई कराते हुए मकान में कब्जा दिलाया जाए। सीएम ने कार्रवाई का निर्देश दिया। सीएम के निर्देश पर कोखराज थाना पुलिस ने सोमवार की रात पूर्व विधायक समेत सात लोगों पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रकरण में पूर्व विधायक संजय गुप्ता का कहना है कि उनके नगर पंचायत अध्यक्ष के कार्यकाल का यह प्रकरण नहीं है। इस पीड़ित परिवार से उनकी कभी कोई मुलाकात नहीं हुई है। एक साजिश के तहत उनकी छवि खराब करने के लिए इस प्रकरण में घसीटा गया है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में पूर्व चेयरमैन कैलाश चंद्र केसरवानी को उनका राजनीतिक गुरू बताया गया है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। छवि खराब करने के मामले में वह मानहानि का केस दर्ज कराएंगे। -------------- परिवार के ही लोगों का है कब्जा पूर्व विधायक संजय गुप्ता का आरोप है कि पीडिता राजदुलारी 20 साल से अधिक समय हो गया, वह परिवार के साथ प्रयागराज के नैनी में रहती है। पीड़िता से उसका कभी कोई सरोकार नहीं था। आरोप लगाया गया है कि मकान पर कब्जा कर लिया गया है, जबकि मकान पर उसके परिवार के ही चाचा दिलीप, अजय, विजय, संजय का कब्जा है। इन चारों आरोपियों के भी खिलाफ केस दर्ज किया गया है। -------------- वरासत के लिए जिम्मेदार नहीं अध्यक्ष सीएम के निर्देश पर मकान पर कब्जे के मामले में केस दर्ज होने के बाद से कौशाम्बी की सियासात गरम हो गई है। सत्ता में रहते हुए पूर्व विधायक के खिलाफ एफआईआर होने से खलबली मची है। पूर्व विधायक ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि वह वर्ष 2012 में नगर पंचायत थे। प्रकरण में वर्ष 2004 का था। यदि वरासत गलत थी तो उसका रेस्टोरेशन पड़ना चाहिए था। वरासत के मामले में अध्यक्ष की कोई भूमिका नहीं होती है। ईओ की पूरी जिम्मेदारी होती है।