
जिले की गोशाला बदलेंगी कृषि का स्वरूप : सीडीओ
Kausambi News - अलीपुरजीता में किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जागरूक किया गया। सीडीओ विनोद राम त्रिपाठी ने किसानों को गोशालाओं की उपयोगिता और रसायन मुक्त खेती के महत्व के बारे में बताया। महिलाओं को वर्मी कंपोस्ट बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे उनकी आमदनी और मिट्टी की उर्वरता दोनों में सुधार होगा।
कड़ा ब्लॉक के अलीपुरजीता में बुधवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण में किसानों को जागरूक किया गया। मुख्य अतिथि सीडीओ विनोद राम त्रिपाठी ने भी किसानों को जानकारी दी। साथ ही बताया कि जिले की गोशालाएं कृषि का स्वरूप बदलेंगी, इसकी शुरुआत हो चुकी है। सीडीओ ने बताया कि जिले के विभिन्न ग्रामों में रसायन युक्त खेती की जा रही है जिससे कि हमारी मिट्टी की उर्वरता शक्ति धीरे-धीरे क्षीण हो रही है। इसके लिए हमें कुछ जैविक उत्पादों का प्रयोग करके अपनी मिट्टी की उर्वरता शक्ति को बढ़ाना है। साथ ही साथ हमारे गांव के वातावरण और गांव के किसान मजदूर के स्वास्थ्य के भी सुदृढ़ करनी है, इसलिए गांव की महिला समूहों द्वारा गोशालाओं में उपस्थित गायों के गोबर से वर्मी कंपोस्ट का निर्माण करना है।
जिससे उसे उत्पादित वर्मी कंपोस्ट का खेतों में प्रयोग करवाना है। इससे महिला समूह की आमदनी भी बढ़ेगी और गांव में उपस्थित विभिन्न खेतों की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी और पर्यावरण शुद्ध रहेगा। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. अजय कुमार ने वर्मी कंपोस्ट को कैसे निर्मित किया जाता है इसका प्रशिक्षण दिया। साथ ही खेतों में इसके प्रयोग की उपयोगिता को भी महिला समूह के विभिन्न सदस्यों से साझा किया।

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