
खनन की झूठी शिकायत, फसल किया कुर्क
संक्षेप: Kausambi News - चायल तहसील के इछना गांव में पांच किसान भाइयों के खिलाफ खनन विभाग की लापरवाही से लाखों रुपये की आरसी जारी की गई है। उनकी कृषि भूमि कुर्क कर दी गई है, जिससे फसल काटने में परेशानी हो रही है। किसान भाइयों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
चायल, हिन्दुस्तान संवाद। तहसील चायल के बरई मजरा इछना गांव में खनन और राजस्व विभाग की लापरवाही से पांच किसान भाइयों के खिलाफ लाखों रुपये की आरसी जारी कर दी गई। राशि न चुकाने पर उनकी कृषि योग्य भूमि कुर्क कर दी गई है, जिससे खेतों में खड़ी धान की फसल को काटने नहीं दिया जा रहा। पीड़ित किसानों ने एसडीएम, डीएम और खनन विभाग से मिलकर आरसी रद्द करने एवं फसल कटाई करने की अनुमति की गुहार लगाई है। इछना गांव के मजरा बरई निवासी उमाकांत पांडेय अपने चार भाइयों के साथ खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि मार्च 2022 में उनकी खाली पड़ी दस बिस्वा भूमि पर रात के अंधेरे में गांव के ही एक व्यक्ति ने अवैध रूप से मिट्टी का खनन किया था।

खनन के कुछ ही दिनों बाद उसकी मृत्यु हो गई। मृतक के भाई ने इसके बाद अस्सी हजार रुपये का जुर्माना जमा कर दिया था। उमाकांत के अनुसार, विरोधी पक्ष ने उनके खिलाफ मिट्टी खनन का झूठा आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और खनन विभाग को शिकायती पत्र भेज दिया। आरोप है कि शिकायत की बिना जांच किए ही खनन एवं राजस्व विभाग ने चार अप्रैल 2022 को पांच भाइयों के नाम पर पांच लाख रुपये की आरसी जारी कर दी। आरसी मिलने के बाद सभी भाइयों के होश उड़ गए। पीड़ित भाइयों ने खनन विभाग, जिलाधिकारी और एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर अपनी सफाई पेश की। जांच में लेखपाल और तहसीलदार ने आख्या दी कि खनन उमाकांत पांडेय एवं उनके भाइयों ने नहीं किया गया था। इसके बावजूद प्रशासन ने आरसी रद्द करने के बजाय सभी भाइयों की कृषि योग्य भूमि को कुर्क कर लिया। अब खेतों में खड़ी धान की फसल को काटने की अनुमति नहीं दी जा रही। उन्होंने एसडीएम और डीएम से न्याय की गुहार लगाई है।

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