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कौशाम्बी

सड़क हादसे में पूर्व प्रधान के भाई की मौत

हिन्दुस्तान टीम,कौशाम्बीPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 05:21 AM
सैनी थाना क्षेत्र में त्रिलोकपुर के समीप बुधवार शाम एक तेज रफ्तार डीसीएम ट्रक अनियंत्रित होकर बाइक सवार पूर्व प्रधान के भाई के ऊपर पलट गया। हादसे...
1 / 2सैनी थाना क्षेत्र में त्रिलोकपुर के समीप बुधवार शाम एक तेज रफ्तार डीसीएम ट्रक अनियंत्रित होकर बाइक सवार पूर्व प्रधान के भाई के ऊपर पलट गया। हादसे...
सैनी थाना क्षेत्र में त्रिलोकपुर के समीप बुधवार शाम एक तेज रफ्तार डीसीएम ट्रक अनियंत्रित होकर बाइक सवार पूर्व प्रधान के भाई के ऊपर पलट गया। हादसे...
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सैनी थाना क्षेत्र में त्रिलोकपुर के समीप बुधवार शाम एक तेज रफ्तार डीसीएम ट्रक अनियंत्रित होकर बाइक सवार पूर्व प्रधान के भाई के ऊपर पलट गया। हादसे में मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से किसी तरह शव को बाहर निकाला। घटना से गुस्साए परिजनों-ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। पुलिस करीब घंटे भर बाद रास्ता बहाल करा सकी। दुर्घटना के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

त्रिलोकपुर का राजेश केसरवानी (33) पुत्र रमाशंकर पूर्व प्रधान पप्पू केसरवानी का भाई था। उसने घर पर ही किराने की दुकान खोल रखी थी। बुधवार शाम राजेश खरीदारी करने सैनी बाजार गया था। बाइक से लौटते वक्त त्रिलोकपुर के समीप बगल से गुजर रही तेज रफ्तार डीसीएम अचानक अनियंत्रित होकर उसके ऊपर पलट गई। राजेश बाइक सहित भूसा लदे डीसीएम के नीचे दब गया। दुर्घटना देख आसपास राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। खबर पाकर ग्रामीण व परिजन भी पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने प्रयागराज-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने क्रेन की मदद से डीसीएम को किनारे कराकर किसी तरह शव बाहर निकाला। उधर, रास्ता जाम किए लोग मुआवजा और कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सीओ योगेंद्र कृष्ण नारायण ने समझा-बुझाकर तकरीबन घंटे भर बाद गुस्सा शांत कराया। इसके बाद आवागमन बहाल हो सका। साथ ही शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जाम के दौरान दोनों लेन पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही। गनीमत ये रही कि कोई एम्बुलेंस जाम में नहीं फंसी। पुलिस ने डीसीएम चालक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से पीड़ित परिवारीजनों की रो-रोकर हालत खराब है।

घंटे भर खोजा गया शव

दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को मृतक राजेश के अलावा एक और व्यक्ति की चप्पल पड़ी मिली। ऐसे में पुलिस को शक हुआ कि शायद कोई और भी नीचे दबा है। आशंका दूर करने के लिए डीसीएम को पूरी तरह से उठाकर किनारे कराया गया। बिखरी हुई भूसे में घंटे भर तक चौकीदारों ने लाश खोजी। जब कुछ नहीं मिला तो अफसरों ने राहत की सांस ली।

... तो भीड़ की हिंसा का शिकार हो जाता डीसीएम चालक

गनीमत ये रही कि दुर्घटना के बाद पुलिस समय पर पहुंच गई। वर्ना डीसीएम का चालक भीड़ के हत्थे चढ़ गया था। पुलिस ने सबसे पहले उसी को छुड़ाया और कोतवाली भेज दिया। पुलिस के पहुंचने में थोड़ी सी देरी होती तो चालक भीड़ की हिंसा का शिकार हो सकता था। मौके पर सैनी के साथ कोखराज, कड़ा, पइंसा आदि थानों व चौकी की फोर्स सीओ ने बुला ली थी। हालांकि हंगामा घंटे भर के भीतर ही खत्म हो गया।

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