ड्रेस, जूता-मोजा व स्टेशनरी धनराशि डीबीटी करने में दोआबा अव्वल
Kausambi News - जिले के परिषदीय विद्यालयों में 70 फीसदी से अधिक बच्चों की धनराशि डीबीटी करने पर बेसिक शिक्षा विभाग प्रदेश में पहले स्थान पर आया है। अभिभावकों के खाते में 1200 रुपये भेजे गए हैं, जिससे 123928 बच्चों को लाभ मिला है। बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा की मेहनत से यह सफलता हासिल हुई है।

जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के खाते में ड्रेस, जूता-मोजा, बैग व स्टेशनी की धनराशि भेजने (डीबीटी करने) में बेसिक शिक्षा विभाग प्रदेश में प्रथम आ गया है। यह उपलब्धि जिले को 70 फीसदी से अधिक बच्चों की धनराशि डीबीटी करने पर मिली है। प्रदेश सरकार की ओर से जिले के परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक पढ़ने वाले बच्चों को नि:शुल्क मध्यान्न भोजन के साथ-साथ ड्रेस, जूता-मोजा, बैग व स्टेशनी उपलब्ध कराई जाती है। मध्यान्न भोजन की धनराशि तो सीधे विद्यालय के एमडीएम प्रभारी के खाते में जाती है पर ड्रेस, जूता-मोजा, बैग व स्टेशनी के लिए प्रति छात्र 1200 रुपये सरकार अभिभावक के खाते में भेजती है।
चालू सत्र में इस धनराशि को अभिभावकों के खाते में डीबीटी करने में बीएसए डॉ. कमलेंद्र कुमार कुशवाहा ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश देने के साथ-साथ निरीक्षण कड़ी मानीटरिंग भी करते नजर आए। उनकी मेहनत का नतीजा रहा कि 154466 बच्चों के सापेक्ष 123928 की धनराशि अभिभावकों के खाते में पहुंच गई है। नवम्बर माह में समीक्षा के दौरान जिले की प्रगति प्रदेश भर में सबसे अच्छी रही। इसके चलते जिला ड्रेस, जूता-मोजा, बैग व स्टेशनरी की धनराशि खाते में डीबीटी करने के मामले में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। दूसरा स्थान वाराणसी तो तीसरा पीलीभीत को मिला है। इस सफलता पर बेसिक शिक्षा विभाग में खुशी का माहोल है। बीएसए ने महकमे के सभी अधीनस्थों को इसके लिए बधाई का पत्र कहा है।

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