साइबर शातिरों ने हैक किया टीएसआई का व्हाट्सएप
यातायात विभाग के उप निरीक्षक कमलेश चंद्र पांडेय का व्हाट्सएप हेक कर लिया गया। शातिरों ने परिचितों से रुपयों की मांग की। साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की और हैकर का अकाउंट बहाल किया। यह घटना दिखाती है कि पुलिसकर्मी भी साइबर अपराध से सुरक्षित नहीं हैं, जिससे नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

यातायात विभाग के उप निरीक्षक कमलेश चंद्र पांडेय का मंगलवार को साइबर शातिरों ने व्हाट्सएप हैक कर लिया। इसके बाद उनके परिचितों व रिश्तेदारों से रुपयों की डिमांड शुरू कर दी। सभी से इमरजेंसी बताकर रुपये मांगे गए। मामले की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। नेवादा ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संदीप मिश्रा सहित दर्जनों लोगों को व्हाट्सएप पर शातिरों ने संदेश भेजा। अपना क्यूआर कोड देते हुए इसमें लिखा कि रुपयों की बेहद जरूरत है। यूपीआई की समस्या के कारण उनके फोन-पे या गूगल-पे से लेनदेने नहीं हो पा रहा है। संदेश प्राप्त होने पर कई लोगों ने सब इंस्पेक्टर को फोन कर पैसों की जरूरत और समस्या के बारे में जानकारी ली।
इस पर उन्होंने बताया कि उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया है। टीएसआई ने सभी शुभचिंतकों से पैसे न भेजने की अपील की। तत्काल मामले की सूचना साइबर थाना मंझनपुर को दी। सूचना मिलते ही साइबर पुलिस टीम सक्रिय हो गई और तकनीकी जांच शुरू की। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने हैकर के कब्जे से व्हाट्सएप अकाउंट को मुक्त करा लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुंबई में बैठे शातिरों ने यह हरकत की है। घटना के बाद लोगों में यह चर्चा भी रही कि जब पुलिसकर्मियों के अकाउंट सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों को साइबर अपराधियों से बचने के लिए और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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