DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › कौशाम्बी › नेवादा ब्लाक की छत और दीवारों से रिस रहा भ्ष्र्टाचार का पानी
कौशाम्बी

नेवादा ब्लाक की छत और दीवारों से रिस रहा भ्ष्र्टाचार का पानी

हिन्दुस्तान टीम,कौशाम्बीPublished By: Newswrap
Thu, 16 Sep 2021 06:41 PM
नेवादा ब्लाक की छत और दीवारों से रिस रहा भ्ष्र्टाचार का पानी

सरायअकिल। हिंदुस्तान संवाद

चकाचक दिखने वाली विकास खंड नेवादा की छत और दीवारों से बारिश का पानी रिस रहा है। खास यह कि भवन दो साल पहले ही बना है। ऐसा कोई कमरा नहीं बचा है जहां दरारें न पड़ी हों। प्रमुख के कक्ष समेत पूरे भवन की छत की परतें उखड़ चुकी है। सचिवों के कार्यालय में रखी फाइलें भीग गई हैं। पॉलीथिन से ढककर फाइलों बचाने की कोशिश की जा रही है।

पंचायती राज गठन के दौरान वर्ष 1961 में विकास खंड नेवादा भवन का निर्माण किया गया था। उसके बाद से लाखों रुपये खर्च कर अब तक कई बार मरम्मत का कार्य भी किया जा चुका है। करीब दो साल पहले छह कमरों का क्षेत्र पंचायत मद से 25 लाख रुपये खर्चकर मरम्मत कराया गया था। आरोप है कि कमीशनखोरी के कारण भवन की मरम्मतीकरण में अनदेखी की गई थी। कमरों की ऐसी कोई दीवार नहीं हैं जहां पानी के रिसाव के चलते प्लास्टर टूट कर गिरने लगा है। टपक रही छत के कारण फाइलें भी खराब हो रहीं हैं। ग्राम सचिव फाइलों के ऊपर पालीथिन डालकर बचाने की कोशिश कर रहें हैं। प्रमुख कक्ष की भी छत टपक रही है।

अंदर बैठने से भी लगता है डर

-छत के नीचे बैठकर काम करने में भी लगता है डर

ग्राम सचिवों ने निवास के लिए एलाट किए गए अपने भवनों में ही कार्यालय बनाया है, जहां वह लोहे की आलमारियों में दस्तावेज रखने के साथ ही कामकाज निपटाते हैं। उनका कहना है कि टपक रही छत के नीचे बैठने में भी डर लगने लगा है। भवन अंदर से खोखला हो चुका है। हालात यही रहे तो बड़ा हादसा हो सकता है।

धराशायी हो चुकी है चहारदीवारी

विकास खंड नेवादा के उत्तर दिशा की चहारदीवारी एक माह पहले ही धराशायी हो चुकी है, अब तक उसका नवनिर्माण नहीं कराया गया है। इससे कार्यालय में आयेदिन आवारा मवेशी घूमते रहते हैं।

संबंधित खबरें