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आसमान में बादलों का डेरा, बूंदा-बांदी से ठिुठुरा दोआबा

दोआबा में बुधवार की शाम बूंदाबांदी से शुरू हुआ बेमौसम बारिश का सिलसिला गुरुवार की सुबह तक जारी...

आसमान में बादलों का डेरा, बूंदा-बांदी से ठिुठुरा दोआबा
हिन्दुस्तान टीम,कौशाम्बीThu, 07 Dec 2023 11:45 PM
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दोआबा में बुधवार की शाम बूंदाबांदी से शुरू हुआ बेमौसम बारिश का सिलसिला गुरुवार की सुबह तक जारी रहा। बुधवार आधी रात बूंदबांदी हुई और कुछ देर बाद बंद हो गई। इसके बाद गुरुवार की भोर में एक बार फिर से रिमझिम फुहारें शुरू हो गईं। सुबह दो घंटे तक लगातार इसके बाद रुक-रुक कर कई बार बूंदाबांदी हुई। इससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। सुबह बूंदाबांदी के बीच शिक्षक तो स्कूलों में गए लेकिन बच्चों की संख्या काफी कम रही। मौसम से किसान रूठे रहे। उनका कहना रहा कि आलू की पैदावार के लिए यह नुकसानदेह साबित होगी।
बुधवार की शाम बादलों ने डेरा जमा लिया था। देखते ही देखते पछुआ हवा के साथ बूंदाबांदी का दौर शुरू हुआ। इसके बाद मौसम का मिजाज गुरूवार को दिन भर बिगड़ा रहा। बूंदाबादी व पछु़आ हवा से दोआबा ठिुठुर उठा। कोहरे की हल्की धुंध दिन भर छाई रही और बादलों का झुंड आसमान में मडराता रहा। पछुवा हवा के साथ बढ़ी ठंड व गलन से लोग घरों में दुबक गए। सुबह से ही सड़कों पर चारों ओर सन्नाटा पसरा रहा। बाजार और कस्बों में दुकानदार अलाव जलाकर बैठे रहे। यहीं हाल गांवों का रहा। जहां लोग दिन भी आग की तपिस का आनंद लेते रहे। मौसम के एकाएक करवट लेने के बाद से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं प्रमुख चौराहों पर अलाव न जलाए जाने के बाद मुसाफिर कांपते नजर आए।

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