
22 रजब पर अकीदत के साथ दिलाई गई कुंडों की नजर
Kausambi News - 22 रजब के अवसर पर, इमाम जाफर सादिक अलैहिस्सलाम की याद में कुंडों की नजर का आयोजन किया गया। महिलाएं विशेष रूप से सक्रिय रहीं, और घरों में इबादत, फातिहा और दुआएं की गईं। इस अवसर पर शांति, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गईं। जरूरतमंदों में भी नजर का सामान वितरित किया गया।
चायल, हिन्दुस्तान संवाद। इस्लामी तारीख के महत्वपूर्ण दिन 22 रजब के अवसर पर सोमवार को इलाके में पूरी अकीदत और एहतराम के साथ इमाम जाफर सादिक अलैहिस्सलाम की याद में कुंडों की नजर दिलाई गई। इस मौके पर महिलाओं ने विशेष रूप से बढ़-चढ़कर भाग लिया और घरों में इबादत, फातिहा और दुआओं का आयोजन किया गया। 22 रजब का दिन इमाम जाफर सादिक अलैहिस्सलाम से मंसूब एक अहम दिन माना जाता है। इसी परंपरा के तहत सोमवार को घरों में कुंडों की नजर का एहतमाम किया गया। महिलाओं ने सुबह से ही साफ-सफाई कर कुंडे तैयार किए और उन्हें सजा-संवार कर नजर पेश की।
नजर में खस्ता, पूरी, हलवा सहित अन्य पकवान शामिल रहे, जिन्हें फातिहा के बाद आपस में तकसीम किया गया। इस अवसर चायल शिया जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना सैयद जाहिद हुसैन ने इमाम जाफर सादिक (अ. स) की सीरत पर रोशनी डालते हुए बताया कि आपने इल्म, सब्र, सच्चाई और इंसाफ का जो रास्ता दिखाया, वह आज भी इंसानियत के लिए मशाल-ए-राह है। उन्होंने लोगों से उनके बताए उसूलों पर अमल करने की अपील की। कुंडों की नजर के दौरान खास तौर पर मुल्क में अमन-चैन, आपसी भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गईं। महिलाओं ने मन्नतें मांगी और पूरी होने पर शुक्राने के तौर पर नजर अदा की। मोहल्ले के लोगों ने एक-दूसरे को नजर बांटकर 22 रजब की मुबारकबाद दी। आयोजन के अंत में जरूरतमंदों और गरीबों में भी नजर का सामान वितरित किया गया, जिससे सामाजिक समरसता और इंसानियत का संदेश दिया गया।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




