Hindi NewsUttar-pradesh NewsKausambi NewsAwareness Camp in District Jail Rights Against Exploitation and Drug-Free India Campaign
एक जमानतदार व हैसियत अनुरूप जमानत राशि पर किया सकता है रिहा : अमित मिश्र

एक जमानतदार व हैसियत अनुरूप जमानत राशि पर किया सकता है रिहा : अमित मिश्र

संक्षेप:

Kausambi News - मंझनपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला जेल टेवां में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बंदियों को उनके अधिकारों और शोषण के खिलाफ जानकारी दी गई। चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल ने कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी और कहा कि जागरूकता से शोषण से बचा जा सकता है।

Jan 15, 2026 10:58 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, कौशाम्बी
share Share
Follow Us on

मंझनपुर, संवाददाता। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जनपद न्यायालय कौशाम्बी के तत्वावधान में गुरुवार को जिला जेल टेवां में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में शोषण के विरुद्ध अधिकार, नशा मुक्त भारत अभियान विषय पर बंदियों को जागरूक किया गया। शिविर में चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अमित कुमार मिश्र ने कहा कि बंदियों के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए कई कानूनी प्रावधान हैं। उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय द्वारा भी समय-समय पर दिशा निर्देश दिये जाते हैं पर जानकारी के आभाव में बहुत से लोग उनका लाभ नहीं प्राप्त कर पाते हैं। इन कानूनों की सार्थकता तभी होगी जब इन कानूनों के बारे में जागरूकता होगी।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

अपने अधिकारों के प्रति सजग होंगे तो कोई भी आपका शोषण नहीं कर सकेगा। शोषण के विरुद्ध अधिकार किसी भी व्यक्ति को गुलामी और अमानवीय परिस्थितियों से बचाते हैं। शोषण के विरुद्ध अधिकार से जुड़े प्रावधान भारतीय संविधान सहित कई कानूनों में दिए गए हैं। आप किसी भी समस्या के लिए जेल में कार्यरत पैरा लीगल वालंटियर से संपर्क कर अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं। बच्ची देवी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में उच्च न्यायालय द्वारा पारित विधि सिद्धांत और जमानत के संबंध में दिए गए निर्देशों के अनुक्रम में बंदियों को जागरूक करते हुए व नि:शुल्क विधिक सहायता की जानकारी देते हुए कहा कि आरोपी बन्दी को केवल एक जमानतदार और उसकी आर्थिक क्षमता के अनुसार जमानत राशि पर भी रिहा किया जा सकता है। यदि बंदी सात दिनों में जमानतदार नहीं दे पाता तो जेल अधीक्षक को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को इस बात की जानकारी देनी होगी ताकि कैदी को जमानत दिलाने में मदद मिल सके।