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कौशाम्बीठंड की दस्तक के साथ बढ़े दमा के मरीज

हिन्दुस्तान टीम,कौशाम्बीPublished By: Newswrap
Sat, 23 Nov 2019 02:03 AM
ठंड की दस्तक के साथ बढ़े दमा के मरीज

ठंड की दस्तक और लुढ़कते तापमान से दमा की बीमारी ने भी पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। अस्पतालों में इलाज को जाने वाला हर तीसरा व्यक्ति दमा से पीड़ित है। वहीं घर-घर लोग सर्दी-जुकाम की बीमारी से ग्रसित हैं। अस्पतालों में रोजाना तीन से चार सौ मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में पहुंचे मरीजों में करीब दो दर्जन से अधिक लोग दमा के शिकार थे। इन्हें चिकित्सकों ने बीमारी से बचाव के तरीके बताने के बाद प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया है।

मौसम के बदलते मिजाज के साथ संक्रामक बीमारियों ने भी पांच पसारना शुरू कर दिया है। घर-घर लोग सर्दी-जुकाम के साथ बुखार से पीड़ित है। वहीं इन्ही पीड़ितों के बीच हर तीसरा व्यक्ति दमा की बीमारी की जद में आ रहा है। सरकारी व निजी अस्पतालों में रोजाना मरीजो की संख्या में इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल सामान्य फिजीशियन में संक्रामक बीमारी से पीड़ित करीब दो सौ मरीज पहुंचे। जिनका प्राथमिक उपचार करते हुए उन्हें संक्रामक बीमारी से बचने के तरीके भी बताए गए। दमा रोगियों को सांस लेने में दिक्कत होती है। यह बीमारी महिला, पुरुषों के साथ अब बच्चों में भी आम होती जा रही है।

दमा (अस्थमा) के लक्षण

दमा के कारण सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, सांस लेने में घबराहट के साथ आवाज में खरखराहट होती है। यह लक्षण कभी-कभी गंभीर भी हो जाते है। ऐसे लक्षण आने पर चिकित्सक से फौरन सलाह लेकर उपचार कराएं। यह रोग ज्यादा तर ठंड पदार्थो के सेवन से होता है।

सदी के दिनों में घर-घर संक्रामक बीमारी ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। पूरब सेलरहा गांव में ही दर्जनों लोग सर्दी-जुकाम से पीड़ित हैं। झोलाछाप नीली-पीली गोलियां देकर मरीजों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।

शिवानी देवी पूरब सेलरहा

उम्र बढ़ने के बाद संयम बरत रहा हूं। इसके बाद भी श्वांस फूलने लगी है। ठंड के दिनों में अक्सर ऐसा हो जाता है। उपचार के बाद ही यह बीमारी ठीक होती है। कुछ दिनों घरेलू नुख्से किए थे पर आराम नहीं मिल सका।

भुल्लन गुरौली

बीते पखवारे भर से सर्दी जुकाम की जद में आ गया हूं। सर्दी के बाद खांसी भी आने लगी है। जिला अस्पताल में उपचार कराने आया तो डॉक्टर ने खांसी की दवा लियाा जो अस्पताल में मेडीसिन स्टोर में नहीं मिली। ऐसे में दवा बाहर से लेनी पड़ी।

शिव कुमार अजरौली

सर्दी-जुकाम होने के बाद अचानक श्वास नली में दिक्कत आने से घुटन जैसे महसूस होने लगी थी। पहले स्थानीय चिकित्सकों से इलाज करवाया। इसके बाद राहत नहीं मिलने पर जिला अस्पताल आया हू। ठंड से पहले दो-तीन साल से दमा की बीमारी हो जाती है।

रमाकांत सकौंदा

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ठंड के मौसम में सर्दी-जुकाम, बुखार के साथ दमा रोगियों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे में लोग घर से बाहर निकलने से पहले गर्म कपड़े पहन कर ही निकलते। दूषित खाद्य पदार्थ के सेवन से भी पहरेज करें। कूलर-पंखे की हवा से भी दूर रहें। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें।

डॉ. सुरभि सौभाग्य, फिजीशियन

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