
तमिल संगमम के श्रद्धालु आज अयोध्या में करेंगे रामलला के दर्शन, हुआ भव्य स्वागत
काशी-तमिल संगमम-4 के आयोजन में हिस्सा लेने यूपी आए श्रद्धालुओं के पहले बैच का आगमन गुरुवार की देर शाम अयोध्या में हुआ। इन श्रद्धालुओं को रामलला का दर्शन शुक्रवार को कराया जाएगा। ढाई सौ श्रद्धालुओं का रेजीडेण्ट मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार के साथ जिला प्रशासन के अफसरों ने माल्यार्पण के साथ स्वागत किया।
काशी-तमिल संगमम-4 के आयोजन में हिस्सा लेने यूपी आए श्रद्धालुओं के पहले बैच का आगमन गुरुवार की देर शाम अयोध्या में हुआ। इन श्रद्धालुओं को सायं छह बजे यहां पहुंचना था लेकिन काशी से प्रयागराज में संगम स्नान के लिए भेजे गए इन श्रद्धालुओं को प्रयागराज से अयोध्या पहुंचने में देर हो गयी और रात्रि करीब दस बजे पहुंचे। पांच अलग-अलग लग्जरी बसों से यहां आए करीब ढ़ाई सौ श्रद्धालुओं का रेजीडेण्ट मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार के साथ जिला प्रशासन के अफसरों ने माल्यार्पण के साथ स्वागत किया।
पुनः चेन्नई से आए विशेष प्रतिनिधियों का भी स्वागत कर उन्हें श्रीराम आडीटोरियम ले जाया गया। इन श्रद्धालुओं के विलंब से पहुंचने के कारण रामलला का दर्शन शुक्रवार को कराया जाएगा। गोरखपुर -लखनऊ हाइवे पर स्थित अन्तर्राष्ट्रीय यात्री बस अड्डा व निषाद राज गुह्य अतिथि गृह के मध्य स्थित श्रीराम आडीटोरियम में इन श्रद्धालुओं ने उत्तर -दक्षिण के सांस्कृतिक कलाकारों की अलग-अलग प्रस्तुतियों का आनंद लिया। यह प्रस्तुतियां भारत सरकार के केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय के अन्तर्गत संचालित उत्तर -मध्य- क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र प्रयागराज, उत्तर प्रदेश व दक्षिण क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र तंजावुर तमिलनाडु के संयुक्त तत्वावधान में की गयी।
उत्तर -मध्य- क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक सुदेश शर्मा के प्रतिनिधि ने बताया कि यहां आयोजित कार्यक्रम जिला प्रशासन के सहयोग से नृत्य नाटिका व लोक गायन की प्रस्तुति की गयी। उधर दक्षिण क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक केके गोपाल कृष्णनन के प्रतिनिधि ने बताया कि चेन्नई से दो सांस्कृतिक दल टमटमा (छोटा ड्रम) व पेरीयमेलम (बड़े ड्रम) के वादन की प्रस्तुति नृत्य के साथ की गयी।
आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि ने बताया कि तमिल संगमम के सभी श्रद्धालुओं को चेन्नई एक्सप्रेस के विशेष ट्रेन से काशी लाया गया। वहां कार्यक्रम के बाद इन्हें प्रयागराज व अयोध्या दर्शन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन सभी श्रद्धालुओं के भोजन व जलपान की व्यवस्था निषादराज गुह्य अतिथि गृह में की गयी है। इसके अलावा इन्हें तीन अलग-अलग होटलों में ठहराया जाएगा।





