
योगी के मंत्री संजय निषाद की जबान काटकर लाने वाले को 5 लाख 51 हज़ार इनाम, करणी सेना का ऐलान
योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद द्वारा दिए गये विवादित बयान के घमसान मच गया है। करणी सेना के बलिया जिलाध्यक्ष ने मंत्री के जीभ काट लाने वाले को 5 लाख 51 हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद के एक बयान पर घमासान मच गया है। उनके खिलाफ जगह जगह प्रदर्शन होने लगे हैं। इस बीच करणी सेना के जिलाध्यक्ष कमलेश सिंह सुखन ने मंत्री की जीभ काटकर लाने वाले को संगठन की ओर से 5 लाख 51 हजार इनाम देने का ऐलान किया है।

कमलेश सिंह के बयान का वीडियो सामने आया है। इसमें उन्होंने कहा है, 'कान खोलकर सुन लो, अगर तुम मुझसे मिल जाओगे तो राख लगाकर तुम्हारी जुबान खींच लूंगा। अगर नहीं खींच पाता हूं तो अपने बलिया के नौजवान साथियों को बता देना चाहता हूं कि तुम उसका जबान खींच कर लाओ, मैं समाज की तरफ से, बलिया के एक-एक नागरिक की तरफ से पांच लाख 51 हजार रूपये का इनाम दूंगा। मुकदमा भी मुफ्त में लड़ा जायेगा।'
जिलाध्यक्ष ने मंत्री पर समाज को गुमराह करने के साथ ही पार्टी के टिकट का सौदा करने का भी आरोप लगाया है। 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में करणी सेना के जिलाध्यक्ष ने अपने वीडियो पर जारी बयान की पुष्टि करते हुए कहा कि मंत्री का बयान बलिया के स्वाभिमान, मान सम्मान के खिलाफ है। इसे कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि एक दलाल उस जिले को दलाल कर रहा है। जिस जिले का इतिहास बहुत पुराना है। जो खुद टिकट बेचकर दलाली करता है, निषाद वंश को बेचकर दलाली करता है। वह बलिया को दलाल कह रहा है और वो भी बलिया की ही धरती पर। वहां बैठे लोग यह सब कैसे सुनते रहे और ताली बजाते रहे? जिसने टिकट बेचकर अपने बेटे को सांसद बनवा दिया और खुद मंत्री बन गया, वह दूसरों पर दलाली का आरोप लगा रहा है। जिसकी दलाली से उसकी रोटी चलती है, जिससे उसका चूल्हा जलता है, वही दूसरों को दलाल कहने लगा है।
उसे पता होना चाहिए कि ये वही बलिया को 1942 में ही आजाद करा दिया। बलिया ने इस देश और प्रदेश को आभास करा दिया कि बगावती तेवर क्या होता है। बलिया अपने तेवर के लिए जाना जाता है। मंगल पांडेय दलाल थे, चित्तू पांडेय दलाल थे या स्वर्गीय चंद्रशेखर दलाल थे। तुम खुद सबसे बड़े दलाल हो। बागी बलिया के इतिहास को कंलकित करने का काम कर रहे हो। अगर तुम मिल गए तो राख लगाकर तुम्हारी जबान खींच लूंगा।





