Hindi NewsUP NewsKargil Warrior Deep Chand Inspiring children to join the army
कारगिल वॉरियर दीपचंद: पैर और हाथ गंवाने के बाद भी जज्बा कायम, बच्चों को दे रहे सेना में जाने की प्रेरणा

कारगिल वॉरियर दीपचंद: पैर और हाथ गंवाने के बाद भी जज्बा कायम, बच्चों को दे रहे सेना में जाने की प्रेरणा

संक्षेप:

कारगिल युद्ध में अपने साहस और बलिदान की अमिट छाप छोड़ने वाले नायक दीपचंद इन दिनों बरेली में हैं। दोनों पैर और एक हाथ गंवाने के बावजूद जज्बे से भरपूर दीपचंद आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा बने हुए हैं। वे यहां स्कूली बच्चों को देशभक्ति और सेना में भर्ती होने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

Nov 12, 2025 05:04 pm ISTPawan Kumar Sharma आशीष दीक्षित, बरेली
share Share
Follow Us on

कारगिल युद्ध के दौरान अपने वीरता के झंडे गाड़ने वाले नायक दीपचंद बरेली में बच्चों को देश सेवा के लिए प्रेरित करने आए हुए हैं। दीपचंद ने युद्ध के दौरान अपने दोनों पैर और एक हाथ खो दिया था। उसके बाद भी अपनी जिंदादिली से वो दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले नायक दीपचंद इस समय बरेली आए हुए हैं। दीपचंद का गुरुवार को माधवराव सिंधिया पब्लिक स्कूल में सम्मान है। इस दौरान वह बच्चों को कारगिल युद्ध समेत तमाम मिलिट्री ऑपरेशन के बारे में जानकारी देंगे। बच्चों को सेना में जाने के लिए प्रेरित भी करेंगे। नायक दीपचंद का जीवन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

कारगिल युद्ध में उन्होंने पाकिस्तान सेना के ऊपर पहला गोला दागा था। उनकी बटालियन 1889 मिसाइल रेजिमेंट ने युद्ध के दौरान करीब 10000 गोले दागे थे। युद्ध के बाद हुए कार्यक्रम में सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने दीपचंद को ‘कारगिल वॉरियर’ का खिताब दिया था। उन्होंने ऑपरेशन पराक्रम के दौरान एक बम ब्लास्ट में अपने दोनों पैरों और एक हाथ को खो दिया था। उनके बचने के सिर्फ 5 फीसदी चांस थे मगर अपनी जिजीविषा के दम पर उन्होंने खुद को बचा लिया।

ये भी पढ़ें:ग्रैमी तक पहुंची राम नाम की धुन, ‘साउंड्स ऑफ कुंभ’ को​ मिला नॉमिनेशन

बरेली में जीता सभी का दिल

बरेली पहुंचे दीपचंद ने सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने शहर के प्रमुख स्थानों का भ्रमण किया। इसमें नाथ मंदिरों के साथ-साथ कैंट का इलाका भी उनका बेहद पसंद आया। दीपचंद शुक्रवार तक बरेली रहेंगे। इस दौरान उनका रामनगर जाने का भी कार्यक्रम है।

ऑपरेशन रक्षक में भी लिया हिस्सा

नायक दीपचंद ने ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन पराक्रम में भी हिस्सा लिया था। पत्रकारों से बातचीत का दौरान उन्होंने बताया कि ऑपरेशन रक्षक के दौरान उन्होंने इंटेलिजेंस ड्यूटी का निर्वाह किया था। इस काम को अंजाम देने के लिए उन्होंने कश्मीरी भाषा भी सीखी थी। इन सामूहिक प्रयासों से ही आठ आतंकवादियों को मार गिराया गया।

ये भी पढ़ें:लखनऊ जू में अब पार्टी ऑन व्हील्स का मज़ा, इतने रुपये में बुक करें टॉय ट्रेन
Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma
"पवन कुमार शर्मा पिछले 3 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। पवन अभी हिन्दुस्तान अख़बार की वेबसाइट Livehindustan.com में काम कर रहे हैं। इससे पहले ABP News में बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाएं और टूरिज्म पर लिखते हैं। पवन ने दिल्ली के भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले कानपुर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था।" और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करे| पाएं Lucknow news , Prayagraj News , Varanasi News , Gorakhpur News , Kanpur News , Aligarh News से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में |