Kanpur News: मीठी-मीठी बातें कर निवेश करवाया और 14.28 लाख ठगे
Kanpur News: कानपुर के नौबस्ता में एक युवक से बिटकॉइन में निवेश का झांसा देकर 14.28 लाख की ठगी की गई। एक युवती ने उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा और अपने मीठे बोलों में फंसाकर विभिन्न खातों से पैसे निवेश करवाए। जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगी का एहसास हुआ।

Kanpur News: कानपुर। नौबस्ता में एक युवक से बिटकॉइन में निवेश कर भारी मुनाफा का झांसा देकर 14.28 लाख की ठगी की गई। युवती ने अपनी मीठी-मीठी बातों में फंसाकर उसे टेलीग्राम के एक ग्रुप में जोड़ा, जिसमें मुनाफे का लालच दिया। वहीं, साइबर ठगों ने शुरुआती निवेश में मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता फिर और रुपये निवेश करवाते रहे। मुनाफा होने पर जब उसने रकम निकालनी चाही पर वह निकाल न सका। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने थाने में शिकायत की, जांच के बाद 19 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज हुई।
युवक की पहचान और संपर्क
पशुपति नगर निवासी ओमप्रकाश तिवारी ने बताया कि 19 अगस्त को उनके पास एक अनजान नंबर से रिया गुप्ता नाम की एक युवती का व्हाट्सएप में मैसेज आया। पहले युवती ने सुरीली आवाज में उलझाया और फिर टेलीग्राम के कॉइन टीआरएस ट्रांजक्शन नाम के उसे एक ग्रुप में जोड़ दिया, जहां बिटकॉइन में निवेश कर भारी मुनाफे का प्रचार-प्रसार चल रहा था।
निवेश करना और ठगी का एहसास
इस दौरान 21 अगस्त को दस हजार रुपये बिटकॉइन में निवेश कर दिए, जिसका करीब 13 हजार रुपये मुनाफा मिला। इसके बाद युवती के और निवेश करने की बात सुन विभिन्न खातों से कुल 14.28 लाख रुपये निवेश करते चले गए। इसमें पत्नी के खाते से भी 5 लाख रुपये आरटीजीएस किया गया। निवेश करते-करते जब पैसा निकालने की बात कही तो साइबर ठगों ने टैक्स कटने के अलावा और रकम निवेश करने पर निकासी की बात कही, यह सुन ओमप्रकाश को ठगी का एहसास हुआ और थाने में शिकायत की। नौबस्ता थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर साइबर सेल की मदद से मामले की जांच की रही है।
जूही थाने में दूसरी ठगी की घटना
वहीं, जूही थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने लाइसेंसिंग एजेंट को जाल में फंसाकर आठ लाख की ठगी की। आरोप है कि, महानगर गैस लिमटेड (एमजीएल) एप का सहारा लेकर उन्हें शिकार बनाया। किदवई नगर ओ-ब्लॉक निवासी सचिन राय मंगल लाइसेंसिंग एजेंट है। सचिन के मुताबिक, 26 जुलाई को वह एमजीएल एप के माध्यम से कुछ जानकारियां जुटा रहे थे। इसी बीच अनजान नंबर से आई कॉल ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताते हुए जाल में फंसा लिया और दस्तावेज संबंधित जानकारियां ले लीं। इसके कुछ देर बाद एचडीएफसी और बैंक ऑफ इंडिया के खाते से अचानक आठ लाख रुपये निकासी का मैसेज आया। आनन-फानन में खाताधारक ने साइबर हेल्पलाइन में शिकायत की। आशंका है कि साइबर ठगों ने मोबाइल हैक कर खाते से रकम उड़ाई है। जूही थाना प्रभारी केके पटेल ने बताया कि तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।


