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कानपुर

अवैध बस्तियों में क्यों दिए जा रहे बिजली कनेक्शन

हिन्दुस्तान टीम,कानपुरPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 08:40 PM
अवैध बस्तियों में क्यों दिए जा रहे बिजली कनेक्शन

शहर के आउटर इलाकों में आबादी बढऩे से सोसाइटी क्षेत्र में विकसित हो रहे मकानों में कनेक्शन देने को एमएलसी ने गलत बताया है। केडीए से बिना नक्शा भवनों में केस्को कनेक्शन क्यों दे रहा है। यह समस्या अकेले विकास नगर क्षेत्र की नहीं, बल्कि कई और इलाकों की है। यूपीपीसीएल के एमडी के साथ ही केस्को एमडी को पत्र लिख कहा है।

एमएलसी अरुण पाठक प्रदेशीय विद्युत व्यवस्था संबंधी जांच समिति के सभापति भी हैं। अवैध बस्तियों में कनेक्शन देने, लाइनें दौड़ाने के लिए भ्रष्टाचार की सारी हदें पार की जा रही हैं। केस्को के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की इस खेल में संलिप्तता भी है। बीते सोमवार को ही एक मामले में केस्को एमडी ने विकास नगर में रहे दो एक्सईएन, एक जेई और एक बाबू पर कम दूरी दिखाकर ज्यादा दूरी का कनेक्शन देने के मामले में कार्रवाई की थी।

अरुण पाठक के इस पत्र के बाद केस्को के कुछ कर्मचारियों में ही यह चर्चा है कि सिर्फ विकास नगर ही क्यों, शहर के तमाम आउटर इलाकों में सोसाइटी वाले और बिना नक्शा पास भवनों में कनेक्शन दिया जाता है। वहां की शिकायत क्यों नहीं की गई है। नियामक आयोग की गाइडलाइन है कि बिजली चोरी को रोकने के लिए बिजली का कनेक्शन देने की योजना है। इसके तहत नक्शा पास न होने की स्थिति में शपथ पत्र लगाने, भवन की रजिस्ट्री की फोटोकॉपी लगाने समेत नौ तरह के दस्तावेजों से कनेक्शन देने का प्रावधान है। यहां तक प्रीपेड अस्थायी कनेक्शन ठेले पर भी दिया जा सकता है। केस्को मीडिया प्रभारी चंद्रशेखर अंबेडकर ने बताया कि आउटर इलाकों में बिना मानक दिए गए कनेक्शनों की शिकायतों पर जांच की जा रही है।

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