घाघू गांव में पानी की टंकी बनी शोपीस

Newswrap हिन्दुस्तान, कानपुर
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Kanpur News - रसूलाबाद क्षेत्र के घाघू गांव में बनी पानी की टंकी ग्रामीणों के लिए ठूंठ बन गई है। वर्षों से पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने की शिकायतों पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। डीएम से की गई शिकायत के बावजूद जल निगम ने समस्या का समाधान नहीं किया। लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई टंकी अब केवल शोपीस बनकर रह गई है।

घाघू गांव में पानी की टंकी बनी शोपीस

रसूलाबाद, संवाददाता। रसूलाबाद क्षेत्र के घाघू गांव में बनी पानी की टंकी ग्रामीणों के लिए ठूंठ बन गई है। सालों से पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने को लेकर हुईं शिकायतों पर कोई अमल नहीं किया गया है। रसूलाबाद क्षेत्र के घाघू गांव में वर्ष 2006 में पेयजल संकट दूर करने के लिए पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। इस टंकी से पेयजल आपूर्ति घाघू के अलावा मितई निवादा व खिरिया तक पहुंच रही थी लेकिन कुछ सालों बाद घटिया लाइन के पाइप क्षतिग्रस्त हो गए।

समस्या का प्रभाव

लाइन क्षतिग्रस्त होने से खिरिया व मितई निवादा सहित आधे घाघू में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई। उसके बाद हर साल गर्मियों में ग्रामीण जल निगम के अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार सहित सुनील कुमार,मोहन, जगदीश,राम खिलावन, पप्पू आदि का कहना है कि कानपुर नगर व कन्नौज जिले की सीमा पर बसे इस गांव में कोई अफसर कभी नहीं आते हैं।

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समाधान की कोशिशें

एक साल पहले समाधान दिवस में डीएम से शिकायत दर्ज कराई गई थी। उसके बाद से जल निगम और ब्लॉक में भी सूचना दी गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई। लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई टंकी महज शोपीस बनकर रह गई है। एडीओ पंचायत जेपी शुक्ला ने कहा कि जानकारी कर समस्या हल कराई जाएगी।

सामान्य प्रश्न

घाघू गांव में पानी की टंकी का निर्माण कब कराया गया था?
घाघू गांव में पानी की टंकी का निर्माण वर्ष 2006 में कराया गया था।
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