तीन गांवों के ग्रामीणों को महज 6 हैंडपंपों का सहारा

हिन्दुस्तान, कानपुर
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पुखरायां के अनन्तापुर गांव में गर्मी में ग्रामीणों को पेयजल की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। यहां 10 हैंडपंप में से 4 खराब हैं, और 3 साल पहले शुरू की गई पानी की टंकी अभी तक अधूरी है। पाइपलाइन लीक होने के कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित है, जिससे ग्रामीणों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है।

तीन गांवों के ग्रामीणों को महज 6 हैंडपंपों का सहारा

पुखरायां। मलासा विकास खंड के अनन्तापुर गांव व मौजा भरतपुर व हिम्मतहार तीन गांव के बीच 10 हैंडपंप लगे हैं, जिसमें 4 हैंडपंप खराब होने के कारण गांव के लोग इस भीषण गर्मी में कड़ी धूप में भी हैंडपंप में लाइन लगाने को मजबूर हैं, जबकि यहां भी शुद्ध पेयजल के लिए तीन वर्ष पहले पानी की टंकी का निर्माण शुरू कराया गया था, लेकिन वह अधूरी बनी खड़ी है। अनन्तापुर गांव में दो मजरे भरतपुर व हिम्मतहार लगते हैं। तीनों गांव की आबादी 1300 है। यहां तीन वर्ष पहले शुद्ध पेयजल योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण शुरू कराया गया था।

तीन वर्ष बीत गए, लेकिन अभी पानी की टंकी आधी भी नहीं बन पाई है। हालांकि ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति की जा रही है। वह भी बेमकसद साबित हो रही है। जगह-जगह पाइप लाइन लीकेज होने के कारण ग्रामीण एक-एक बूंद पानी को तरस रहे हैं। मजबूरी में गांव के लोगों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है। उसकी भी स्थिति यह है कि तीनों गांव के बीच 10 हैंडपंप लगे हैं, जिसमें चार पूरी तरह खराब हैं। गांव के रामस्वरूप, राजबहादुर, रामकेश, चन्दन, संतोष, रामआसरे, भगौती प्रसाद, रामशंकर, सिपाहीलाल, नरेंद्र, अशोक, रमपाल सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति भी मन मर्जी से की जाती है। इस भीषण गर्मी में 8 दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है। वहीं गांव के प्रधान संतोष कुमार ने बताया कि पेयजल की समस्या को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों की चौखट पर कई बार दौड़ लगाई, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

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