बसंत पर्व परिवर्तन का प्रतीक, वास्तविक परिवर्तन भीतर से शुरु हो: प्राचार्य
Kanpur News - स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में शुक्रवार को वसंत पंचमी का पर्व 'बसंतोत्सव-2026' धूमधाम से मनाया गया। प्राचार्य डा. सज्जन लाल वर्मा ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से परिवर्तन और मानवीय संवेदनाओं का महत्व बताया। न्यू लाइट एजूकेशन सेंटर में भी बच्चों ने सरस्वती पूजा की।

स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में शुक्रवार को वसंत पंचमी का पर्व ‘बसंतोत्सव-2026’ के रूप में सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में एमबीबीएस के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां माहौल को उल्लास व उमंग से भरती रहीं। बसंतोत्सव का शुभारंभ प्राचार्य डा. सज्जन लाल वर्मा ने दीप जलाकर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहाकि बसंत ऋतु हमें परिवर्तन का संदेश देती है। यह सिखाती है कि परिवर्तन से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उसे अपनाना चाहिए। वास्तविक परिवर्तन बाहरी नहीं, बल्कि हमारे भीतर से शुरू होता है। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या कक्षा में जाना तभी सार्थक है जब उसके साथ हमारा आंतरिक परिवर्तन भी हो।
यदि भीतर बदलाव नहीं आया, तो बाहरी गतिविधियां केवल औपचारिकता बनकर रह जाती हैं। एक चिकित्सक के रूप में केवल तकनीकी दक्षता ही पर्याप्त नहीं है। मानवीय संवेदना, करुणा, सहानुभूति और नैतिक मूल्यों के बिना चिकित्सा अधूरी है। शरीर का इलाज दवाओं से हो सकता है, लेकिन मन, भावनाओं और आत्मा को केवल संवेदनशील व्यवहार ही स्वस्थ रख सकता है। कार्यक्रम में अवनी, महेश, लवनीश व सुरभि ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। आधुनिक सरस्वती माता” विषय पर आधारित नाटक में देवव्रत, नितिन, सत्यार्थ, श्लोक, विदुषी, स्नेहा, शुभांगी एवं ईशा चतुर्वेदी ने वर्तमान युग की सामाजिक विडंबनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपप्राचार्य डा. हरप्रीत सिंह डॉ. सोनल अमित, डॉ. संजीव रोहतगी, डॉ. अमिताभ अग्रवाल, डॉ. पल्लवी आनंद, डॉ. नीना रायज़ादा आदि रहे। मीडिया समन्वय डा. आराधना यादव एसोसिएट प्रोफेसर कम्युनिटी मेडिसिन ने किया। जबकि कार्यक्रम का संचालन अनुश्री पांडे एवं आशीष सिंह ने किया। -हवनपूजन के साथ पीले वस्त्रों में बच्चों ने की सरस्वती पूजा अकबरपुर के न्यू लाइट एजूकेशन सेंटर में प्रबंधक संतोष यादव की अगुवाई में उत्साह के साथ बसंतोत्सव मनाया गया। यहां हवन पूजन के बाद बच्चों ने पीले वस्त्र धारण कर विद्या की आराध्य देवी सरस्वती का पूजन किया। प्रबंधक ने बच्चों को बसंत पर्व के विषय में जानकारी दी। उन्होंने कहाकि यह पर्व हमें अंधकार से प्रकाश की ओर जाने की प्रेरणा देता है। इसके बाद यहां आयोजित भंडारे में बच्चों ने प्रसाद ग्रहण किया।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




