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मॉडल सेफ रोड बनेंगे कानपुर के दो खतरनाक हाईवे

कानपुर के दो सबसे खतरनाक हाईवे को सुधारने की पहल की गई है। पिछले तीन सालों में सड़क दुर्घटना में सबसे ज्यादा मौतों के जिम्मेदार एक नेशनल हाईवे और एक...

मॉडल सेफ रोड बनेंगे कानपुर के दो खतरनाक हाईवे
हिन्दुस्तान टीम,कानपुरWed, 24 Apr 2024 03:00 PM
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कानपुर के दो सबसे खतरनाक हाईवे को सुधारने की पहल की गई है। पिछले तीन सालों में सड़क दुर्घटना में सबसे ज्यादा मौतों के जिम्मेदार एक नेशनल हाईवे और एक स्टेट हाईवे को ‘जीरो डेथ का लक्ष्य रखकर सुधारा जाएगा। दोनों हाईवे को मॉडल सेफ रोड बनाना है। जानलेवा नेशनल हाईवे कानपुर-सागर (नौबस्ता-हमीरपुर) मार्ग है। इस हाईवे पर पिछले तीन सालों में हुए हादसों में 546 मौतें हो चुकी हैं। एक डेडली स्टेट हाईवे को 29 अप्रैल को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में चिन्हित किया जाएगा।

बिना डिवाइडर टू-लेन हाईवे के कारण 546 मौतें

नौबस्ता-हमीरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कानपुर से हमीरपुर-महोबा तक पिछले तीन सालों में सड़क हादसों में 546 मौतें हुई हैं। क्षमता से 10 गुना ज्यादा लोड झेल रहे हाईवे पर बुंदेलखंड क्षेत्र के मौरंग, गिट्टी, बालू के ट्रकों का लोड है। यह टू-लेन हाईवे है और इसमें डिवाइडर नहीं है। नौबस्ता से यमुना तक पुलिस ने 26 जगह ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं। इन जगहों पर ही सबसे ज्यादा हादसे होते हैं।

फोर लेन हाईवे करने का होगा प्रस्ताव

29 अप्रैल को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में स्टेक होल्डर की बैठक में इस नेशनल हाईवे को फोर लेन और बीच में डिवाइडर बनाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। बगल में नाले को शिफ्ट करने पर भी चर्चा होगी। कानपुर के स्टेट हाईवे में जिनमें अब तक सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाओं में मौतें हुई हैं, उनको चुना जाएगा। इसमें पुखरायां-घाटमपुर-बिंदकी, चौबेपुर-बिठूर, चौबेपुर-बेला, मंधना-गंगा बैराज हाईवे समेत स्टेट हाईवे में किसी एक को मॉडल सेफ रोड के तहत चुना जाएगा।

प्रतिशत कम करने के बजाय 100 प्रतिशत बढ़ गए हादसे

उत्तर प्रदेश में 2023 में 50 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का लक्ष्य था। कवायद के बाद भी 2022 की तुलना में सड़क हादसे 100 प्रतिशत से ज्यादा हो गए। प्रदेश में 40 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं एनएच और 30 प्रतिशत एसएच पर होती हैं। सड़क सुरक्षा समिति के तहत कानपुर के इन हाईवे पर सुधार किया जाएगा।

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