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10 अगस्त, 2020|11:55|IST

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कानपुर देहात में गति नहीं पकड़ पा रही गेहूं खरीद, भटक रहे किसान

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जिले में गेहूं खरीद का काम गति नहीं पकड़ पा रहा है। एक पखवारा बीतने के बाद अभी तक जहां दस केंद्रों में खरीद का काम शुरू नहीं हो सका। वहीं अभी तक कुल 617 किसानों से लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 6.10 फीसद गेहूं ही खरीदा जा सका है। मूल्य समर्थन योजना के तहत 1925 रुपए प्रति कुंतल की दर से जिले में इस बार 60 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद की जानी है। इसके लिए 9 एजेंसियों के 77 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों में एक पखवारा बीतने के बाद भी जहां पीसीएफ के 4, नैफेड के 4 व यूपीएसएस के दो केंद्रों पर खरीद का काम शुरू तक नहीं हो सका है। वहीं अन्य केंद्रों पर अब तक 617 किसानों से 3662.43 मीट्रिक टन गेहूं की ही खरीद की जा सकी है जो लक्ष्य के सापेक्ष महज 2.67 फीसद है। डिप्टी आरएमओ शिशिर कुमार ने बताया जिन दस केंद्रों पर खरीद का काम शुरू नहीं हुआ है, उन एजेंसियों के जिला प्रभारियों को तत्काल खरीद शुरू कराने का निर्देश डीएम ने दिया है। साथ ही खरीद कार्य में तेजी लाने की हिदायत के साथ नियमित मानीटरिंग भी शुरू की है।

अभी तक जिले के 4080 किसानों का ही पंजीकरण: सरकारी क्रय केंद्रों पर उपज बेंचने के लिए किसानों का पंजीकरण कराया जाना बेहद आवश्यक है लेकिन किसानों के पंजीकरण खरीद शुरू होने के बाद भी गति नहीं पकड़ पा रहा है। अभी तक जिले में महज 4080 किसानों का ही पंजीकरण हो सका। इनमें 72 बटाईदार व 25 लीज पर खेती कर रहे किसान भी शामिल हैं। पंजीकरण के मामले में भोगनीपुर तहसील के सर्वाधिक 1030 किसानों का पंजीकरण हुआ जबकि डेरापुर में 840, सिकंदरा में 699, अकबरपुर में 565, रसूलाबाद में 556 व मैथा में 303 किसानों का ही पंजीकरण हो सका। इस पर नाराजगी जता डीएम ने पंजीकरण कार्य में भी तेजी लाने की हिदायत दी है।

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  • Web Title:The wheat procurement in Kanpur country is unable to keep pace the farmers are wandering