शैक्षिक महासंघ की बैठक में आंदोलन की बनी रणनीति
Kanpur News - कानपुर देहात में शिक्षकों की बैठक में टीईटी को अनिवार्य बनाने और समायोजन प्रक्रिया में अनियमितताओं के खिलाफ विरोध का निर्णय लिया गया। प्रदेश महामंत्री प्रदीप कुमार तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद संघर्ष की रणनीति तैयार करने की बात कही। शिक्षकों की लंबित समस्याओं पर भी चर्चा हुई।

कानपुर देहात,संवाददाता। सेवारत शिक्षकों को अनिवार्य टीईटी से राहत दिलाने के साथ वर्तमान में संचालित समायोजन प्रक्रिया की अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला और ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक शनिवार को बीआरसी अकबरपुर में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश महामंत्री प्रदीप कुमार तिवारी ने कहा कि सेवारत शिक्षकों के लिए अनिवार्य की गई टीईटी के विरोध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद संगठन संसद से सड़क तक संघर्ष की रणनीति तैयार करेगा। किसी भी शिक्षक की नौकरी नहीं जाने दी जाएगी। बिना किसी स्थाई नीति के हो रहे समायोजन का विरोध कर पूरे प्रदेश में एक समान नीति लागू कराई जाएगी।
जिला अध्यक्ष मनोज कुमार शुक्ला ने जनपद में शिक्षकों की लंबित समस्याओं वेतन कटौती, एक दिन की वेतन बहाली, लंबित एरियर,अवरुद्ध वेतन वृद्धि, बीईओ कार्यालय से गायब सर्विस बुक,सरप्लस समायोजन,मर्ज विद्यालयों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों का अभाव आदि समस्याओं को लेकर आंदोलन के लिए तैयार रहने की बात कही। उपस्थित शिक्षकों ने संगठन के ज्ञापन पर हुई सकारात्मक कार्यवाहियों के लिए जिला कार्यकारिणी की अनुशंसा की। इस दौरान जिला महामंत्री सुनील कुमार सचान, कार्यकारी अध्यक्ष देवेंद्र सिंह, जिला संगठन मंत्री अनंत त्रिवेदी, संत कुमार दीक्षित,अजय गुप्ता,अमित तिवारी, नौशाद अहमद, देवेंद्र तिवारी, सुभाष दीक्षित, नीरज गुप्ता, मनोज गुप्ता, जयशंकर द्विवेदी, राम जी, मयंक मिश्रा, गौरव सिंह, हेमंत सिंह, जितेंद्र पांडेय, अमित द्विवेदी,अतुल शुक्ला, अजय कुमार तिवारी आदि उपस्थित रहे।
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