देहात रजिस्ट्री दफ्तर में आयकर सर्वे, 500 करोड़ की हेराफेरी खुली
Kanpur News - कानपुर के रजिस्ट्री कार्यालय में आयकर विभाग ने बुधवार को एक सर्वे में 500 करोड़ रुपये की विसंगतियों का खुलासा किया। अधिकारियों ने पिछले पांच वर्षों की रजिस्ट्री की जांच की, जिसमें गलत पैन नंबर और मोबाइल नंबर लिखे जाने की गड़बड़ियां पाई गईं। इससे विभाग को लगभग 300 करोड़ रुपये का टैक्स का झटका लगा है।

कानपुर, प्रमुख संवाददाता। कानपुर रजिस्ट्री विभाग में करोड़ों की हेराफेरी के बाद अब आयकर विभाग ने पड़ोसी जिले में बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को कानपुर देहात के रजिस्ट्री कार्यालय में सर्वे में व्यापक स्तर पर गड़बड़ियों का खुलासा किया है। पांच घंटे की जांच में 500 करोड़ की विसंगतियों के साक्ष्य मिले हैं। इस वजह से आयकर विभाग को लगभग तीन सौ करोड़ के टैक्स का झटका लगा है। संबंधित अधिकारियों को नोटिस देकर पक्ष रखने को कहा गया है। आयकर निदेशक (आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण) के निर्देश पर अकबरपुर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में बुधवार दोपहर विभागीय टीम पहुंची। उप निदेशक विमलेश राय, और आयकर अधिकारी अविनाश सोनवानी की अगुवाई में अचल संपत्ति की रजिस्ट्री की जांच शुरू की गई।
पुलिस बल की मौजूदगी में आयकर अधिकारियों ने बीते पांच वर्ष में रजिस्ट्री की जांच की। सर्वे करने वाले आयकर अधिकारियों के अनुसार, 500 करोड़ रुपये की विसंगतियां मिली हैं। सर्वे टीम में आयकर निरीक्षक कुलदीप गुप्ता, देव अनंत श्रीवास्तव, रवीश कुमार एवं विनोद केशरी के साथ भारी पुलिस बल तैनात था।कानपुर वाला खेल यहां पर भी मिला :बताया गया कि सर्वे के दौरान कानपुर में हुआ पुराना खेल यहां भी पकड़ में आया। आयकर विभाग की कार्रवाई में कई रजिस्ट्री में मनमर्जी का पैन नंबर लिखा गया। लगभग एक हजार पैन में गलत मोबाइल नंबर लिखे गए। सूत्रों के अनुसार, भ्रमित करने के लिए जानबूझकर किया गया यह खेल आयकर विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ हुआ। आयकर टीम ने डिजिटल और मैनुअल रिकॉर्ड, स्टांप शुल्क की गणना से संबंधित विवरण और डाटा ट्रांसफर प्रक्रिया की पड़ताल की। बताया गया कि आयकर विभाग की कार्रवाई का दायरा जैसे-जैसे बढ़ेगा वैसे-वैसे हेराफेरी की रकम भी बढ़ेगी।कानपुर में मिली थी 11 हजार करोड़ की हेराफेरी :आयकर विभाग को कानपुर रजिस्ट्री कार्यालय में लगभग 11 हजार करोड़ की हेराफेरी मिली थी। विभाग ने सबसे पहले 26 दिसंबर को जोन वन में सर्वे किया गया था, जिसमें 2500 करोड़ की हेराफेरी खुली। वहीं 30 दिसंबर को जोन टू में सर्वे के दौरान 1100 करोड़ की विसंगतियां मिली थीं। इसके बाद जोन-3 में तो 3500 करोड़ का खेल सामने आया। वहीं जोन चार में सर्वे के दौरान 4 हजार करोड़ की विसंगतियां मिली हैं।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


