माफिया विकास दुबे के खजांची जयकांत को बड़ी राहत, सजा निलंबित, सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

Yogesh Yadav हिन्दुस्तान, कानपुर
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Kanpur News - बिकरू कांड से जुड़े गैंगस्टर मामले में 10 साल की सजा काट रहे जयकांत बाजपेई और श्यामू बाजपेई को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सजा निलंबित करते हुए सशर्त रिहाई का आदेश दिया है।

माफिया विकास दुबे के खजांची जयकांत को बड़ी राहत, सजा निलंबित, सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित और खौफनाक 'बिकरू कांड' के मुख्य किरदारों में शामिल जयकांत बाजपेई और उसके भाई श्यामू बाजपेई को देश की शीर्ष अदालत से बड़ी राहत मिली है। माफिया विकास दुबे के 'खजांची' के रूप में कुख्यात जयकांत बाजपेई और उसके भाई की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। अदालत ने उनकी 10 साल की सजा को निलंबित (Suspend) करते हुए उन्हें सशर्त रिहा करने के आदेश जारी किए हैं।

गैंगस्टर कोर्ट ने सुनाई थी 10 साल की सजा

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2 जुलाई 2020 की रात चौबेपुर के बिकरू गांव में दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इस वारदात के बाद पुलिस ने विकास दुबे के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की थी। इसी कड़ी में जयकांत बाजपेई और उसके भाइयों सहित 30 आरोपितों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। साल 2023 में गैंगस्टर कोर्ट ने जयकांत, श्यामू और 23 अन्य आरोपितों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कड़ी सजा सुनाई थी।

हाईकोर्ट से झटका, सुप्रीम कोर्ट में मिली सफलता

गैंगस्टर कोर्ट के फैसले के खिलाफ बचाव पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। इस दौरान जयकांत और श्यामू की ओर से जमानत की अर्जी भी लगाई गई, जिसे हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया था। इसके बाद बचाव पक्ष ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता सीपी शुक्ला के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने दलीलों को सुनने के बाद दोनों भाइयों की अपील को मंजूर कर लिया है। अदालत ने मुख्य मामले में पहले से ही जमानत मंजूर होने और गैंगस्टर मामले में लंबी न्यायिक हिरासत को आधार मानते हुए सजा को निलंबित कर दिया है।

जल्द होगी जेल से रिहाई

सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब जयकांत और श्यामू बाजपेई की जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। चूंकि वे अन्य संबंधित मामलों में पहले ही जमानत पा चुके हैं, इसलिए अब स्थानीय अदालत में जमानतनामा (Bail Bond) दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें जेल से रिहा कर दिया जाएगा।

बिकरू कांड की यादें हुई ताजा

इस आदेश के साथ ही एक बार फिर बिकरू कांड की यादें ताजा हो गई हैं। जयकांत बाजपेई पर विकास दुबे के अवैध पैसे को निवेश करने और वारदात की रात उसे हथियार व गाड़ियां मुहैया कराने के गंभीर आरोप थे। जहां मुख्य आरोपित विकास दुबे पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था, वहीं जयकांत बाजपेई कानूनी लड़ाई के जरिए जेल से बाहर आ रहा है। इस फैसले पर शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों की प्रतिक्रियाओं पर भी सबकी नजर बनी हुई है।

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योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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