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4 दिसंबर, 2020|7:47|IST

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पराली पर सख्ती पर जहर उगलते कारखानों की हो रही अनदेखी

पराली पर सख्ती पर जहर उगलते कारखानों की हो रही अनदेखी

कानपुर देहात। हिन्दुस्तान संवाद

वर्तमान समय में मानो ऐसा लगता है कि धुंए का भी विभाजन हो गया। यह धुंआ अगर फैक्ट्री से निकला तो देशप्रेमी और किसान के खेत से निकला तो देशद्रोही हो गया। जिले में संचालित कल कारखानों से निकलने वाले धुंए से लोगों को भले ही परेशानी हो रही है लेकिन इस समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।

रनियां औद्योगिक क्षेत्र की सैकड़ों औद्योगिक इकाइयों की चिमनियों से निकलने वाला धुआं यहां रहने वाले दर्जनों गांवों के लोगों के लिए आफत बन गया है। आलम यह है कि जहरीले धुएं से जहां ग्रामीण गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं तो वही चिमनियों से गिरने वाली काली राख से बचने का कोई रास्ता उन्हें नहीं सूझ रहा है। छत पर व आंगन के रास्ते घर के अंदर तक राख प्रवेश कर रही है। जिससे लोगों के घर गृहस्थी का सामान भी खराब हो रहा है। चिमनियों से निकलने वाले धुएं में शामिल जहरीले पदार्थ ग्रामीणों को सांस आदि की बीमारी तो दे ही रहे हैं साथ ही जमीन पर पड़कर पानी और मिट्टी को भी पूरी तरह दूषित करते हैं।

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  • Web Title:String on poison starch poison spewing factories being ignored