
महाठग की कंपनी के प्रमोशन में सोनू सूद, खली से होगी पूछताछ
Kanpur News - कानपुर में 1500 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी रवींद्र नाथ सोनी की फर्जी कंपनी का प्रमोशन करने में अभिनेता सोनू सूद और द ग्रेट खली भी शामिल हुए हैं। शिकायतकर्ताओं ने वीडियो और फोटो के माध्यम से इस बात की पुष्टि की है। अब पुलिस दोनों को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी कर रही है।
कानपुर, प्रमुख संवाददाता। 1500 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी रवींद्र नाथ सोनी की फर्जी कंपनी का प्रमोशन करने में फिल्म अभिनेता सोनू सूद और द ग्रेट खली भी फंस गए हैं। शिकायतकर्ताओं की ओर से भेजे गए एक दर्जन वीडियो और फोटो में दोनों रवींद्र की कंपनी का प्रमोशन करते नजर आ रहे हैं। दोनों भले ही पीड़ित हों, फिर भी इन दोनों का प्रमोशन देखकर कई देशों के लोगों ने करोड़ों रुपये इस कंपनी में लगाए हैं। इसलिए कमिश्नरेट जल्द ही नोटिस जारी कर दोनों को बुलाकर पूछताछ करेगी। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि अब तक 17 पीड़ितों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं।
इन लोगों ने आरोप लगाए हैं कि इन बड़े-बड़े लोगों के प्रमोशन के चक्कर में ही वह रुपये लगा बैठे। रविंद्र सोनी को रिमांड पर लेकर निकलवाया जाएगा पासवर्ड पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जेल में बंद दिल्ली के मालवीय नगर निवासी नटवरलाल रवींद्र नाथ सोनी को 14 दिन की कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा। नटरवलाल ने 1500 करोड़ रुपये हवाला और क्रिप्टो के जरिये खपाए हैं। इसलिए उसे रिमांड पर लेकर पासवर्ड और जरूरी जानकारी हासिल की जाएगी। जरूरत पड़ी तो उसको लेकर देहरादून और दिल्ली भी जाया जाएगा। रविंद्र सोनी से पूछताछ के बाद पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा। पूरी ठगी की जांच अब एसआईटी करेगी पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अब तक 700 से ज्यादा पीड़ितों की जानकारी हुई है। जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। रोज नए शिकायतकर्ता संपर्क में आ रहे हैं। इसलिए अब पूरे मामले की जांच एडीसीपी अंजलि विश्वकर्मा के नेतृत्व में सात सदस्यीय एसआईटी करेगी। इसमें कई साइबर एक्सपर्ट और तेज तर्रार अफसर होंगे। पूरी टीम कई देशों के पीड़ितों पर काम करेगी। दुबई में होती रही तलाश, ओमान के जरिये आ गया भारत नटवरलाल रवींद्र नाथ पर जब दुबई में शिकंजा कसा तो उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए पूरी साजिश रची। अभी भी दुबई पुलिस उसे तलाश रही है, जबकि वह भारत की जेल में बंद है। कमिश्नर ने बताया कि नटवरलाल अगस्त में दुबई से रेगिस्तान के जरिये ओमान पहुंच गया। वहां से ओमान के जरिये वह भारत आ गया। फिर वह भारत में दिल्ली और देहरादून में परिवार के साथ रह रहा था। अभी भी दुबई पुलिस उसे तलाश रही है। जापानी कंपनी समेत एक दर्जन देशों में ठगी नटवरलाल ने जापानी कंपनी समेत एक दर्जन देशों में ठगी की है। नटवरलाल की कंपनियों में आम आदमी, सेलीब्रेटी से लेकर जापानी कंपनी ने भी पैसा लगाया है। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक 2022 से नटवरलाल ठगी कर रहा है। अहमदाबाद की संगीता ने भी फोन करके ठगी की जानकारी दी है। वह जल्द ही शहर आकर नटवरलाल के खिलाफ कार्रवाई करेगी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि दुबई के शारजहां, आबूधाबी के साथ ही जापान, वितयनाम, नेपाल, तजाकिस्तान, फ्रांस और कई अरब के देशों में रहने वालों के साथ शातिर ने ठगी की है। परिवार से रिश्ता खत्म, फिर भी आ रहा पैसा खुद के फंसने के बाद शातिर ने अपनी पत्नी स्वाति और पिता से संबंध खत्म होने की बात कही, जबकि पत्नी, पिता और नाबालिग बेटी आध्या के खाते में भी लाखों का लेन-देन हुआ है, जिसे पुलिस ने पकड़ा है। वर्तमान में नटरवलाल हिमानी की बार गर्ल के साथ रहा था। उससे एक बच्चा भी हुआ है। उसकी पार्टी में पत्नी समेत पूरा परिवार शामिल हुआ था। लगातार नटरवलाल परिजनों से रिश्ता खत्म होने की बात कह रहा है। बुर्ज खलीफा के बगल में ऑफिस, खुद सीए पुलिस कमिश्नर ने बताया कि नटवरलाल खुद सीए किए हुए है। इसलिए उसे बचने की पूरी तरकीब पता है। उसने बुर्ज खलीफा के बगल में कार्यालय खोल रखा था। तीन मंजिला कार्यालय काफी हाईटेक बनाया था। उसका रहन-सहन काफी आलीशान और हाईटेक था। वह खुद भी लग्जरी गाड़ियों से चलता था। नटवरलाल से मिलना आसान नहीं था। उससे मिलने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। बैंक लोन लेकर लगाए पैसे, 10 हजार डॉलर लगाना जरूरी पुलिस कमिश्नर ने बताया कि नटवरलाल ने रियल स्टेट, गोल्ड माइनिंग, क्रिप्टो समेत अन्य में निवेश के बदले में 40 फीसदी तक फायदा देने का प्रचार प्रसार किया। फंसाने के लिए कुछ लोगों को पैसा वापस भी दिया। विश्वास जमने के बाद लोगों ने बैंक लोन लेकर नटवरलाल की कंपनी में पैसा लगाया है। वह हर महीने तीन फीसदी ब्याज देने का दावा करता था। कंपनी में कम से कम 10 हजार डालर लगाना पड़ता था। इसलिए सबसे कम पैसा लोगों का 10 डॉलर ही लगा है। देता अवार्ड, चलाता 20 से ज्यादा कंपनियां पुलिस कमिश्नर ने बताया कि नटवरलाल मिडिल ईस्ट फाइनेंसियल मार्केट अवार्ड के नाम से प्राइज सेरेमनी आयोजित करता था। जिसमे वह बड़े-बड़े लोगों को बुलाकर भव्य कार्यक्रम करता था। इसी झांसे में आकर लोग कंपनी में पैसा लगाते थे। इतना ही नहीं ब्लू चिप अवार्ड सेरेमनी भी करता था। सबके मोबाइल पर आकर्षक मैसेज भेजकर लोगों को फंसाया जाता था। फिलहाल ब्लूचिप नाम से नटवरलाल 20 कंपनियां चला रहा था। केरला निवासी जार्ज नटवरलाल की कंपनी में एडवाइजर है।

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