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18 सितम्बर, 2020|11:08|IST

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कानपुर के चर्चित शिवम हत्याकांड में सात को उम्रकैद

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नौबस्ता के हंसपुरम में दस साल पहले हुए छात्र शिवम के अपहरण और हत्या के मामले में कोर्ट ने सात अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बाद सभी अभियुक्तों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। कोचिंग के लिए निकले कक्षा 12 के छात्र का अपहरण कर लिया गया था। पांच लाख रुपए की फिरौती नहीं मिलने पर हत्या कर शव पांडु नदी में फेंक दिया गया था। शिवम के पिता प्रदीप वाजपेयी फतेहपुर में कलक्ट्रेट कार्यालय में अधिकारी हैं।


एडीजे नौ विकास गुप्ता ने दोनों पक्षों की जिरह व बहस के बाद आवास विकास हंसपुरम निवासी अमित यादव, संजय यादव पुत्र विजय पाल यादव, कल्याणपुर (फतेहपुर) निवासी संजय यादव पुत्र शम्भू यादव, गंभीरपुर, घाटमपुर निवासी छोटे सिंह उर्फ कांती, आवास विकास कॉलोनी, हंसपुरम निवासी अखिलेश अवस्थी और सुनील परिहार को सजा सुनाई है। एडीजीसी सरला गुप्ता व पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ब्रह्मदत्त मिश्रा के मुताबिक हंसपुरम, नौबस्ता निवासी महर्षि विद्या मंदिर के छात्र शिवम का 17 अगस्त 2009 को कोचिंग जाते समय अपहरण किया गया था। संजय यादव पुत्र विजय पाल और अमित यादव शिवम को फुसला कर ले गए थे। शिवम संजय यादव को जानता था। इसलिए अभियुक्तों ने पिता से फिरौती मांगने के बाद भी फंसने के डर से शिवम की हत्या कर शव पाण्डु नदी में बहा दिया। इससे पहले उसे तीन दिन कोयलानगर के एक कमरे में रखा गया था। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर सातों अभियुक्त जघन्य अपराध अपहरण, हत्या और साजिश के दोषी पाए गए। 


क्रूरता से की गई हत्या
शिवम की हत्या क्रूरता से की गई थी। पहले उसका गला कसा गया। मौत न होने पर चाकू से गला रेता और शव नदी में बहा दिया था। शव छठवें दिन पिपरगवां गांव के पास नदी से बरामद हुआ था। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर शिवम की साइकिल, मोबाइल और आला-ए-कत्ल भी बरामद किया था।
 

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  • Web Title:Seven life imprisonment in the famous Shivam murder case in Kanpur