आरटीई के तहत अब स्कूलों को पूरे 12 माह की फीस देय
Kanpur News - कानपुर में निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत स्कूलों को पहली बार 12 महीने की शुल्क प्रतिपूर्ति मिलेगी। प्रति माह 450 रुपये की दर से यह प्रतिपूर्ति होगी। अभिभावकों को किताबों और यूनिफॉर्म के लिए वार्षिक 5000 रुपये दिए जाएंगे। हालांकि, आरटीई पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया में देरी से अभिभावक चिंतित हैं।
कानपुर, वरिष्ठ संवाददाता। निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई) में इस बार स्कूलों को भी लाभ मिला है। पहली बार स्कूलों को 11 माह के स्थान पर 12 माह की शुल्क प्रतिपूर्ति होगी। इसकी दर 450 रुपये महीना तय की गई है। कई स्कूल संगठन इसकी लिए लंबे समय से मांग कर रहे थे। आरटीई में शिक्षा विभाग के माध्यम से स्कूलों को अब तक 11 माह की शुल्क प्रतिपूर्ति की जाती थी। स्कूल की फीस भले ही इससे अधिक हो, लेकिन इससे अधिक प्रतिपूर्ति नहीं होती है। यदि किसी स्कूल की फीस 450 रुपये प्रति माह से कम है तो उस स्कूल को शुल्क के अनुसार ही प्रतिपूर्ति की जाती है।
शासन स्तर से आदेश जारी होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत कुमार सिंह ने सभी मैप्ड स्कूलों के प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों को आरटीई में प्रवेश की जो नियमावली जारी की है उसमें इसे स्पष्ट कर दिया है। प्रति माह प्रतिपूर्ति की राशि 450 रुपये अधिकतम 12 माह के लिए होगी, लेकिन यदि स्कूल की फीस इससे कम है तो वह देय होगी। इसी तरह अभिभावकों को पुस्तक व यूनिफॉर्म आदि के लिए 5000 रुपये वार्षिक की धनराशि देय होती है। यह धनराशि आरटीई में प्रवेश के सत्यापन के बाद दी जाती है। कानपुर स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के समन्वयक प्रतीक श्रीवास्तव का कहना है कि 12 माह की शुल्क प्रतिपूर्ति की मांग उनके संगठन के स्तर से लंबे समय से की जा रही थी। यह मांग पूरी हो गई है। उधर, आरटीई पोर्टल पर प्रवेश के लिए आवेदन जो पहली दिसंबर से शुरू हो जाते थे, उसकी प्रक्रिया शुरू न होने से अभिभावक परेशान हैं।

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